भोपाल, 03 जून ।
लोक निर्माण विभाग के सेवानिवृत्त प्रमुख अभियंता जेपी मेहरा के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने बड़ी कार्रवाई करते हुए उनकी और उनके परिजनों से जुड़ी करीब 67.25 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्तियों को अस्थायी रूप से अटैच कर दिया है।
अटैच की गई संपत्तियों में नर्मदापुरम जिले के सोहागपुर स्थित लगभग 70 एकड़ का कस्तूरी फार्म हाउस, कई आवासीय संपत्तियां और सोने के आभूषण शामिल बताए गए हैं।
यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम के तहत की गई है। एजेंसी ने अपनी जांच की शुरुआत लोकायुक्त की विशेष पुलिस स्थापना द्वारा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत दर्ज एफआईआर के आधार पर की थी।
लोकायुक्त पुलिस की जांच में सामने आया था कि सेवा अवधि के दौरान जेपी मेहरा ने अपनी वैध आय के स्रोतों से कहीं अधिक संपत्ति अर्जित की है। जांच अवधि में उनकी वैध आय और कुल संपत्ति व व्यय के बीच बड़े अंतर का मामला उजागर हुआ था।
प्रारंभिक जांच के अनुसार, सेवा अवधि में उनकी वैध आय लगभग चार करोड़ रुपये आंकी गई थी, जबकि कुल संपत्ति और खर्च दस करोड़ रुपये से अधिक पाए गए थे, जिससे अनुपातहीन संपत्ति का मामला सामने आया।
लोकायुक्त की कार्रवाई के दौरान उनके ठिकानों से नकदी और सोने के आभूषण भी बरामद किए गए थे, जिनकी कीमत करोड़ों रुपये में बताई गई थी।
प्रवर्तन निदेशालय की जांच में अब तक उनके और परिवार से जुड़ी कुल 67.25 करोड़ रुपये की संपत्तियों की पहचान हुई है, जिन्हें अस्थायी रूप से अटैच किया गया है।
एजेंसी इस मामले में आगे की जांच कर रही है और विस्तृत रिपोर्ट संबंधित जांच एजेंसियों के साथ साझा किए जाने की संभावना जताई जा रही है।











