नई दिल्ली, 03 जून ।
हीरा ग्रुप निवेश घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने नजनीन अंसारी उर्फ अबीदा को गिरफ्तार कर बड़ी कार्रवाई की है, जिस पर कुर्क की गई संपत्तियों की नीलामी प्रक्रिया में बाधा डालने का आरोप है।
जांच एजेंसी के अनुसार नजनीन अंसारी, हीरा ग्रुप की प्रमुख नोहेरा शेख की निजी सहायक रही हैं और उन पर आरोप है कि उन्होंने कुर्क संपत्तियों पर कब्जा बनाए रखने, उनसे किराया वसूली करने और नए निवेशकों को प्रभावित करने जैसी गतिविधियों में भूमिका निभाई।
ईडी ने बताया कि जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी कुर्क संपत्तियों का उपयोग कर व्यावसायिक गतिविधियां जारी रखने में सहयोग कर रही थीं और जांच प्रक्रिया से अवगत होने के बावजूद निवेश जुटाने में सक्रिय रहीं।
एजेंसी के अनुसार नजनीन अंसारी उन संपत्तियों के कब्जे में थीं जिन्हें सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश पर नीलामी के लिए चिन्हित किया गया था, लेकिन उन्होंने कथित रूप से नीलामी प्रक्रिया में बाधा डालने के प्रयास किए।
इस मामले में यह भी आरोप है कि उन्होंने कर्मचारियों को संपत्तियों का निरीक्षण करने से रोकने और उन्हें प्रभावित स्थिति में दिखाने की कोशिश की, जिससे नीलामी प्रक्रिया प्रभावित हो सके।
ईडी अब इस पूरे मामले में अपराध की आय और वित्तीय लेनदेन के नेटवर्क का पता लगाने के लिए आगे की जांच कर रही है।











