भोपाल, 03 जून ।
मध्यप्रदेश में खेल प्रतिभाओं की पहचान और उन्हें बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए खेल एवं युवा कल्याण विभाग ने व्यापक तैयारी शुरू कर दी है। इसी कड़ी में प्रदेश के प्रत्येक जिले में फीडर सेंटर स्थापित करने की योजना पर तेजी से काम किया जाएगा।
खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने टैलेंट सर्च अभियान की समीक्षा बैठक में अधिकारियों और प्रशिक्षकों को निर्देश देते हुए कहा कि जिला स्तर पर फीडर सेंटर विकसित किए जाएं, ताकि खिलाड़ियों को शुरुआती स्तर पर ही बेहतर प्रशिक्षण और सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।
उन्होंने कहा कि अगले चरण में विधानसभा क्षेत्रों में विकसित किए जा रहे नए स्टेडियमों को भी फीडर सेंटर के रूप में तैयार किया जाएगा। इससे ग्रामीण और अंचल क्षेत्रों के खिलाड़ियों को अपने क्षेत्र में ही खेल प्रशिक्षण और संसाधनों का लाभ मिल सकेगा।
मंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश खेल अकादमियों के क्षेत्र में पहले ही राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना चुका है और अब फीडर सेंटर नेटवर्क के माध्यम से खेल प्रतिभाओं को और अधिक अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके लिए खेलवार और क्षेत्रवार टैलेंट सर्च अभियान संचालित किए जाएंगे।
बैठक में स्कूलों, कॉलेजों, समर कैंपों तथा शिक्षा विभाग के साथ समन्वय बढ़ाने पर भी जोर दिया गया। उद्देश्य अधिक से अधिक बच्चों और युवाओं को खेल गतिविधियों से जोड़ना और उन्हें आगे बढ़ने का अवसर देना है।
खेल अकादमियों में सीटें बढ़ाने तथा प्रतिभा खोज प्रक्रिया को तकनीक आधारित और पारदर्शी बनाने पर भी चर्चा हुई। खिलाड़ियों की प्रगति पर निगरानी के लिए आधुनिक तकनीकी प्रणालियों और एथलीट प्रबंधन व्यवस्था का उपयोग किया जाएगा।
मंत्री सारंग ने कहा कि खेलों को जन-आंदोलन का स्वरूप देने के लिए सोशल मीडिया, जनप्रतिनिधियों, जिला प्रशासन और विभिन्न संस्थाओं की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने इसे प्रदेश में मजबूत खेल संस्कृति विकसित करने की दीर्घकालिक पहल बताया।










