कोलंबो, 02 जून।
श्रीलंका प्रीमियर लीग (एलपीएल) 2026 के आगामी सत्र में बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे। लीग के अगले संस्करण में पहली बार 'इम्पैक्ट सब्स्टीट्यूट' नियम को लागू किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, प्रत्येक टीम के लिए अपनी प्लेइंग इलेवन में न्यूनतम एक अंडर-23 खिलाड़ी को शामिल करना अनिवार्य कर दिया गया है। विशेष रूप से, इम्पैक्ट सब्स्टीट्यूट के उपयोग के बाद भी टीम की संरचना में अंडर-23 खिलाड़ी की उपस्थिति अनिवार्य रहेगी।
सोमवार को कोलंबो में आयोजित एलपीएल 2026 ड्राफ्ट के दौरान इन नियमों की आधिकारिक घोषणा की गई। इन बदलावों के चलते सभी पांच फ्रेंचाइजियों को अपनी टीम चयन प्रक्रिया में नई रणनीतियां अपनानी पड़ीं। अंडर-23 खिलाड़ियों की सीमित उपलब्धता ने टीमों के लिए चुनौती पेश की, क्योंकि कई युवा खिलाड़ी जुलाई में भारत के विरुद्ध प्रस्तावित अंडर-19 श्रृंखला में व्यस्त रहेंगे।
खिलाड़ियों की चोट और फिटनेस पर अपडेट:
ड्राफ्ट के दौरान पथुम निसांका और मथीशा पथिराना की चोटों को लेकर चिंता व्यक्त की गई। निसांका को वेस्टइंडीज दौरे के लिए चुना गया है, लेकिन उनके कार्यभार को प्रबंधित किया जा रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, भारत के श्रीलंका दौरे से पूर्व उन्हें पूरी तरह फिट होने के लिए सर्जरी से गुजरना पड़ सकता है।
फ्रेंचाइजियों के नाम और स्वामित्व में परिवर्तन:
एलपीएल 2026 में चार फ्रेंचाइजियों ने नए मालिकों और कोचिंग स्टाफ के साथ अपनी पहचान भी बदली है। अब जाफना का नाम 'एससी जाफना किंग्स', गॉल का 'गॉल ग्लैडिएटर्स', कैंडी का 'कैंडी रॉयल्स' और कोलंबो का 'कोलंबो कैप्स' रखा गया है। केवल दांबुला सिक्सर्स की पहचान पूर्ववत रहेगी।
ड्राफ्ट में विजय शंकर, ईशान मलिंगा, साहिबजादा फरहान, एंजेलो मैथ्यूज और दिनेश चांदीमल जैसे खिलाड़ियों पर विशेष नजर रही। इसके साथ ही अविष्का फर्नांडो, चरिथ असलंका, रहमानुल्लाह गुरबाज और मोहम्मद नवाज प्रमुख आकर्षण रहे। नए नियमों और पुनर्गठित टीमों के साथ, टूर्नामेंट के अधिक प्रतिस्पर्धी और रोमांचक होने की संभावना जताई जा रही है।












