कोलकाता, 05 जून।
पश्चिम बंगाल की राजनीति में मंत्रिमंडल विस्तार के बाद से ही विभागों के बंटवारे को लेकर सस्पेंस बरकरार है। इसी बीच शुक्रवार को नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी के अचानक दिल्ली जाने से राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।
मंत्रिमंडल की पहली बैठक के बाद से ही सभी की निगाहें नए मंत्रियों को आवंटित किए जाने वाले विभागों पर टिकी थीं, लेकिन इस बीच शुभेंदु की इस यात्रा ने एक नया मोड़ दे दिया है।
सूत्रों की मानें तो शुक्रवार को ही नए मंत्रियों को विभागों की जिम्मेदारी सौंपने की प्रक्रिया शुरू होनी थी। शपथ ग्रहण समारोह के बाद से ही प्रशासनिक और राजनीतिक स्तर पर मंथन चल रहा था।
हालांकि, प्रक्रिया शुरू होने से ऐन पहले शुभेंदु अधिकारी का 11 बजे की फ्लाइट से दिल्ली रवाना होना कई तरह के कयासों को जन्म दे रहा है।
इस यात्रा के पीछे के वास्तविक कारणों को लेकर अभी तक न तो प्रशासन और न ही पार्टी की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने आया है। माना जा रहा है कि यह यात्रा महज एक औपचारिक भेंट नहीं है।
विभागों के बंटवारे को लेकर मची खींचतान और कैबिनेट विस्तार के बाद की बदली हुई परिस्थितियों के बीच इस दौरे को काफी अहम माना जा रहा है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस दिल्ली दौरे के बाद राज्य में राजनीतिक समीकरणों की एक नई तस्वीर सामने आ सकती है। शुभेंदु अधिकारी के देर रात तक कोलकाता लौटने की उम्मीद जताई जा रही है।
अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि वापस आने के बाद वे राज्य की राजनीति में क्या बड़ा कदम उठाते हैं और क्या विभागों के बंटवारे को लेकर जारी असमंजस पर कोई स्पष्ट संकेत मिलते हैं।















