ढाका, 05 जून।
बांग्लादेश की राजनीति में एक बड़ा घटनाक्रम देखने को मिला है। पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की पार्टी अवामी लीग की प्रमुख नेत्री और नारायणगंज सिटी कॉरपोरेशन की पूर्व मेयर सेलीना हयात 'आइवी' को लंबे समय के बाद जेल से जमानत पर रिहा कर दिया गया है।
पूर्व स्पीकर शिरीन शार्मिन चौधरी के बाद अवामी लीग के किसी बड़े चेहरे को मिली यह दूसरी महत्वपूर्ण राहत मानी जा रही है।
सेलीना हयात को एक साल से अधिक समय तक सलाखों के पीछे रहने के बाद बुधवार रात लगभग 10:15 बजे गाजीपुर की काशिमपुर सेंट्रल महिला जेल से बाहर निकाला गया।
आधी रात के आसपास वे नारायणगंज स्थित अपने आवास पर पहुंचीं। उनकी रिहाई की सूचना मिलते ही देर रात बड़ी संख्या में उनके समर्थक, परिजन और शुभचिंतक उनके घर के बाहर एकत्र हो गए और उनका स्वागत किया।

अपने आवास पर पहुंचने के उपरांत सेलीना ने न्यायपालिका और सरकार के प्रति अपना आभार व्यक्त किया। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में एक मानवीय सरकार का गठन होगा जो सभी को समान भाव से देखेगी।
उन्होंने जेल में बंद अन्य निर्दोष महिलाओं की स्थिति पर भी चिंता प्रकट की और सरकार से उनके प्रति सहानुभूति रखने की अपील की।
ज्ञात हो कि सेलीना को पिछले साल नौ मई की तड़के उनके घर से पुलिस ने हिरासत में लिया था। उन पर कुल 12 अलग-अलग मुकदमे दर्ज किए गए थे, जिनमें 2024 के भेदभाव-विरोधी आंदोलन के दौरान हुए हत्या के तीन और हत्या के प्रयास के दो मामले मुख्य थे।

कानूनी पेचीदगियों के कारण उन्हें बार-बार गिरफ्तारी का सामना करना पड़ा। अंततः उच्च न्यायालय ने 30 अप्रैल को सिद्घिरगंज थाने में दर्ज दो हत्या के मामलों में उन्हें अंतरिम जमानत प्रदान की, जिससे उनकी रिहाई का मार्ग प्रशस्त हुआ।
नारायणगंज की मेयर के रूप में दो बार जिम्मेदारी संभाल चुकीं सेलीना अपने राजनीतिक सफर में अपराध और आतंकवाद के खिलाफ सख्त रुख अपनाने के लिए जानी जाती हैं।
वर्ष 2011 के चुनाव में उन्होंने प्रभावशाली बागी नेता शमीम उस्मान को एक लाख से अधिक मतों के भारी अंतर से पराजित किया था। घर वापसी पर स्थानीय प्रेस क्लब के पदाधिकारियों और अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने पुष्प गुच्छ भेंट कर उनका अभिवादन किया।








