ढाका, 29 मई ।
शेख हसीना ने बांग्लादेश में अवामी लीग के नेताओं और कार्यकर्ताओं की लगातार हो रही मौतों पर गंभीर चिंता जताते हुए इन्हें “सुनियोजित हत्या” करार दिया है और इसके लिए बीएनपी समर्थित मौजूदा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
उन्होंने कहा कि जुलाई 2024 के बाद से देश में जारी राजनीतिक हिंसा की श्रृंखला अभी भी थमी नहीं है और पूर्व अंतरिम सरकार के दौरान शुरू हुआ यह दौर अब मौजूदा सरकार में भी जारी है, जिससे कानून-व्यवस्था की स्थिति और राजनीतिक प्रतिशोध की प्रवृत्ति पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
पूर्व प्रधानमंत्री ने 78 वर्षीय मोहम्मद दबीरुल इस्लाम की मृत्यु का उल्लेख करते हुए कहा कि वे स्वतंत्रता सेनानी और अवामी लीग के पूर्व सांसद थे तथा उनका निधन ढाका के स्क्वायर अस्पताल में हुआ।
हसीना ने आरोप लगाया कि खराब स्वास्थ्य के बावजूद उन्हें लंबे समय तक हिरासत में रखा गया और तीन अक्टूबर 2024 को हिरासत में लिए जाने के बाद 19 फरवरी 2025 को उन्हें जमानत मिली थी।
उन्होंने दावा किया कि गंभीर शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना के कारण उनकी स्थिति लगातार बिगड़ती गई और यह मृत्यु प्राकृतिक नहीं बल्कि सुनियोजित हत्या है।
शेख हसीना ने यह भी कहा कि हाल ही में ठाकुरगांव-1 से पूर्व सांसद रमेश चंद्र सेन की जेल में हुई मौत भी संयोग नहीं लगती और उन्होंने इसे घटनाओं की योजनाबद्ध श्रृंखला बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।
उन्होंने अपने पुत्र मजहरुल इस्लाम सुजान के विरुद्ध चल रहे कथित झूठे मामलों का भी उल्लेख किया और पूरी स्थिति पर गंभीर आपत्ति जताई।








