भोपाल, 30 मई ।
राजधानी के गोविंदपुरा इंडस्ट्रियल एरिया स्थित एक फर्नीचर फैक्ट्री में शनिवार देर रात भीषण आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। लकड़ी, केमिकल और थिनर जैसे ज्वलनशील पदार्थ मौजूद होने के कारण आग ने कुछ ही देर में विकराल रूप ले लिया। करीब नौ घंटे की मशक्कत के बाद दमकल कर्मियों ने आग पर काबू पाया, हालांकि सुबह तक परिसर से धुआं उठता रहा। शुरुआती अनुमान में करोड़ों रुपये के नुकसान की आशंका जताई गई है।
जानकारी के मुताबिक सेक्टर-7डी स्थित शुभम एंटरप्राइजेस में रात करीब साढ़े 12 बजे अचानक आग भड़क उठी। फैक्ट्री में प्लाईवुड, दरवाजे और ब्लैकबोर्ड तैयार किए जाते हैं। परिसर में बड़ी मात्रा में लकड़ी और रसायन रखे होने के कारण आग तेजी से फैली और पूरी फैक्ट्री इसकी चपेट में आ गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग लगने के करीब दो घंटे बाद रात ढाई बजे नगर निगम के फायर कंट्रोल रूम को सूचना दी गई। तब तक हालात गंभीर हो चुके थे और आग आसपास की औद्योगिक इकाइयों के लिए भी खतरा बनने लगी थी। सूचना मिलते ही शहर के अलग-अलग फायर स्टेशनों से दमकल वाहनों को मौके पर भेजा गया।
आग को पड़ोसी फैक्ट्रियों तक पहुंचने से रोकने के लिए दमकल टीम ने विशेष रणनीति अपनाई। कई हिस्सों में भवन के स्ट्रक्चर तोड़कर फायर ब्रेक तैयार किए गए और कनेक्टिंग पॉइंट्स पर लगातार पानी का छिड़काव किया गया। इसी वजह से आग को अन्य इकाइयों तक फैलने से रोका जा सका।
राहत अभियान में गांधीनगर, गोविंदपुरा, कोलार, बैरागढ़, फतेहगढ़, आईएसबीटी और कबाड़खाना फायर स्टेशनों से दमकल वाहन और पानी के टैंकर बुलाए गए। 50 से अधिक अधिकारी और कर्मचारी पूरी रात आग बुझाने में जुटे रहे।
घटनास्थल पर फायर अधिकारी सौरभ पटेल, फायर फाइटर पंकज यादव और सहायक प्रभारी विजय त्रिपाठी सहित नगर निगम के कर्मचारी मौजूद रहे। फिलहाल आग लगने की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है। पुलिस और संबंधित विभागों ने मामले की जांच शुरू कर दी है।









