अररिया, 01 जून।
सीमांचल एक्सप्रेस ट्रेन संख्या 12488 में पैंट्री कार कर्मचारियों की दादागिरी का शिकार अधिवक्ता अबू शमा और उनकी पत्नी नुसरत प्रवीण हुए, जब जनरल बोगी में सीट लेने को लेकर विवाद के दौरान उन्हें जमकर पीटा गया और अधिवक्ता का सर फोड़ दिया गया। घटना के बाद ट्रेन में मौजूद यात्रियों ने विरोध किया और चेन पुलिंग कर ट्रेन फुलवरिया हाट के पास रोककर जीआरपी और आरपीएफ को सूचना दी।
मौके पर फारबिसगंज डीएसपी राजकिशोर प्रसाद, थानाध्यक्ष मनोज कुमार, आरपीएफ प्रभारी उमेश प्रसाद सिंह, जोगबनी आरपीएफ प्रभारी अनूप तिवारी, अररिया आरपीएफ इंचार्ज जगदीश रजक, जोगबनी जीआरपी प्रभारी दीपनारायण हेम्ब्रम सहित भारी संख्या में पुलिस बल पहुंचे और पैंट्री कार के छह कर्मचारियों को हिरासत में ले लिया। गिरफ्तार सभी उत्तरप्रदेश के रहने वाले हैं और उनसे आरपीएफ कार्यालय में पूछताछ जारी है।
घायल अधिवक्ता अबू शमा और उनकी पत्नी नुसरत प्रवीण ने बताया कि वे नुसरत की बीएड परीक्षा देने के बाद दीनदयाल उपाध्याय नगर स्टेशन से जनरल टिकट लेकर ट्रेन में सवार हुए थे। जनरल बोगी में पैंट्री कार कर्मचारी पहले से कब्जा जमाए हुए थे और पैसे लेकर यात्रियों को सीट दे रहे थे। जब सीट देने के लिए कहा गया तो कर्मचारियों ने विवाद शुरू कर दिया और मारपीट की।
फारबिसगंज स्टेशन पर अबू शमा के भाई ट्रेन रिसीव करने आए तो पैंट्री कार कर्मचारियों ने उन्हें भी ट्रेन में खींचा और मारपीट की। घटना के विरोध में अन्य यात्रियों ने हस्तक्षेप किया और ट्रेन फुलवरिया हाट के पास लगभग 40 मिनट रुकी रही। इसके बाद जीआरपी और आरपीएफ के सहयोग से आरोपी कर्मचारियों को हिरासत में लिया गया।
हिरासत में लिए गए छह कर्मचारियों में गोपी, गोविंद सिंह, सुरेंद्र कुमार, सर्वेश कश्यप, अजीत कश्यप और राजकुमार शामिल हैं, जो उत्तरप्रदेश के विभिन्न जिलों के निवासी हैं। गिरफ्तार आरोपितों से पूछताछ जारी है और आरपीएफ प्रभारी उमेश प्रसाद सिंह ने कहा कि मामले में अग्रतर कार्रवाई की जाएगी।











