बाराबंकी, 01 जून ।
बाराबंकी साइबर क्राइम थाना पुलिस ने आधार आधारित बैंकिंग व्यवस्था में सेंध लगाकर लोगों के खातों से धनराशि निकालने वाले एक संगठित साइबर गिरोह का खुलासा किया है। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने तीन आरोपितों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और एक कार बरामद की है।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपित क्लोन बायोमेट्रिक तकनीक का इस्तेमाल कर आधार सक्षम भुगतान प्रणाली के माध्यम से धोखाधड़ी की घटनाओं को अंजाम देते थे। उनके पास से चार मोबाइल फोन, पांच सिम कार्ड, दो थम्ब स्कैनर मशीनें और एक कार बरामद की गई है।
मामले का खुलासा एक शिकायत के आधार पर हुआ। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि उसके परिचित के नाम पर रिटेलर आईडी तैयार कर उसका दुरुपयोग किया गया। इसके बाद फर्जी दस्तावेजों और नकली बायोमेट्रिक का उपयोग कर खाते से बड़ी राशि निकाल ली गई।
जांच में पता चला कि आरोपितों ने संबंधित आईडी का कई बार उपयोग करते हुए अलग-अलग अवसरों पर अवैध लेनदेन किए। निकाली गई रकम को विभिन्न बैंक खातों में स्थानांतरित कर अपने कब्जे में ले लिया जाता था।
साइबर पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और डिजिटल ट्रेल के आधार पर आरोपितों की पहचान की। इसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर पूछताछ की गई, जिसमें धोखाधड़ी के तरीके से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि गिरोह द्वारा किए गए अन्य संभावित लेनदेन और इससे जुड़े लोगों की भी जांच की जा रही है। बरामद उपकरणों की फोरेंसिक जांच कराई जाएगी ताकि पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटाई जा सके।
गिरफ्तारी के बाद आरोपितों के खिलाफ संबंधित धाराओं में कार्रवाई करते हुए उन्हें न्यायिक प्रक्रिया के तहत जेल भेज दिया गया है।











