इंदौर, 12 जून।
मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में अपराध का ग्राफ एक बार फिर तब बढ़ गया जब पंढरीनाथ थाना क्षेत्र में बेखौफ बदमाशों ने 30 लाख रुपये की बड़ी लूट को अंजाम दिया। यह सनसनीखेज वारदात गुरुवार रात उस समय हुई जब एक कलेक्शन एजेंट व्यापारियों से दिन भर की कमाई लेकर अपने गंतव्य की ओर जा रहा था।
क्या है पूरा मामला?
शिकायतकर्ता मुकेश अग्रवाल, जो पेशे से कलेक्शन एजेंट हैं, गुरुवार रात बर्तन बाजार और मोहनपुरा के व्यापारियों से नकदी एकत्र कर रहे थे। रात करीब 8:30 बजे जैसे ही वे पंढरीनाथ इलाके से गुजरे, एक्टिवा पर सवार दो नकाबपोश युवकों ने उन्हें घेर लिया। बदमाशों ने बड़ी चतुराई और धमक के साथ मुकेश के हाथ से नोटों से भरा बैग झपटा और पलक झपकते ही वहां से रफूचक्कर हो गए।
सीसीटीवी में कैद हुई 'पक्की रेकी'
लूट की यह वारदात पास ही लगे सीसीटीवी कैमरों में साफ तौर पर कैद हो गई है। फुटेज में साफ दिख रहा है कि बदमाशों को पहले से एजेंट की मूवमेंट की पूरी जानकारी थी। पुलिस का मानना है कि यह केवल एक लूट नहीं, बल्कि सोची-समझी साजिश है, जिसमें किसी 'अंदरूनी व्यक्ति' (Insider) की मिलीभगत होने की प्रबल संभावना है।
पुलिस की जांच और टीम का गठन
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। एडिशनल डीसीपी दिशेष अग्रवाल ने बताया कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए इसे 'हाई प्रोफाइल' केस की तरह लिया जा रहा है। जांच के लिए तीन अलग-अलग थानों की स्पेशल टीमें तैनात की गई हैं। लगभग 25 पुलिसकर्मियों का दल लगातार सीसीटीवी फुटेज खंगालने और बदमाशों के भागने के संभावित रूट पर दबिश देने में जुटा है।
व्यापारिक जगत में दहशत
इतनी बड़ी रकम लुट जाने के बाद से स्थानीय व्यापारियों में भारी रोष और डर व्याप्त है। बर्तन बाजार के व्यापारियों ने शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए गश्त बढ़ाने की मांग की है। हालांकि, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि संदिग्धों की पहचान के लिए कई महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगे हैं और अपराधियों को जल्द ही सलाखों के पीछे भेज दिया जाएगा।










