नई दिल्ली, 01 जून ।
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने बताया है कि भारत और ओमान के बीच हुए व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (सीईपीए) को लागू कर दिया गया है, जिससे दोनों देशों के व्यापारिक संबंधों को नई गति मिलेगी।
उन्होंने कहा कि यह समझौता केवल एक व्यापारिक करार नहीं है, बल्कि सभ्यताओं के बीच विश्वास का प्रतीक है, जो भारत और ओमान के संबंधों को और अधिक मजबूत बनाएगा। इस समझौते के तहत भारतीय निर्यातकों को ओमान की लगभग 98 प्रतिशत टैरिफ लाइनों पर शुल्क मुक्त पहुंच मिलेगी, जो भारत के 99 प्रतिशत से अधिक निर्यात को कवर करती है।
मंत्री ने बताया कि इस समझौते के लागू होने के साथ ही भारत के एमएसएमई, श्रमिक और निर्यातक टेक्सटाइल, खेल सामग्री, कृषि उत्पाद, फार्मा, मेडिकल उपकरण, चमड़ा, ऑटोमोबाइल और समुद्री उत्पाद जैसे क्षेत्रों में प्रतिस्पर्धात्मक लाभ प्राप्त करेंगे।
उन्होंने कहा कि इस समझौते के प्रभावी होने के अवसर पर मुंबई, कोलकाता और चेन्नई से कई मालवाहक खेपों को रवाना किया गया है, जो इस नए व्यापारिक दौर की शुरुआत को दर्शाता है।
पीयूष गोयल ने यह भी कहा कि यह समझौता भारत को खाड़ी सहयोग परिषद और पूर्वी अफ्रीकी बाजारों तक पहुंच बनाने के लिए एक रणनीतिक मार्ग प्रदान करेगा। इसके तहत भारतीय जेनेरिक दवाओं को, जिन्हें अमेरिकी एफडीए, यूरोपीय एजेंसी या ब्रिटेन की एमएचआरए से मंजूरी प्राप्त है, ओमान में 90 दिनों के भीतर बाजार अनुमति मिल जाएगी।
इसके अलावा भारतीय श्रमिकों के हितों की सुरक्षा के लिए भी बाध्यकारी प्रावधान किए गए हैं, खासकर गैर-सेवा क्षेत्रों में। सरकार का कहना है कि यह समझौता भारत की नौ मुक्त व्यापार संधियों का हिस्सा है, जो पिछले साढ़े तीन वर्षों में 38 देशों के साथ संपन्न की गई हैं।
वाणिज्य सचिव ने कहा कि यह समझौता मजबूत आपूर्ति श्रृंखला, आर्थिक प्रतिस्पर्धा और वैश्विक स्तर पर रणनीतिक साझेदारी को और अधिक सुदृढ़ करेगा।












