काठमांडू, 02 जून।
नेपाल की राजनीतिक परिदृश्य में चार वर्षों से भी कम समय में हुई अभूतपूर्व बदलाव की चर्चा अब वैश्विक स्तर पर हो रही है। राष्ट्रीय स्वतन्त्र पार्टी के अध्यक्ष रवि लामिछाने ने बताया कि एक नए, गैरदलीय राजनीतिक दल का संसद में दो-तिहाई बहुमत प्राप्त करना और दुनिया के सबसे युवा प्रधानमंत्री का चुनाव होना असाधारण घटना है। भारत जैसे निकटतम पड़ोसी के लिए यह परिवर्तन और भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि साझा सीमा दोनों देशों के भविष्य को गहराई से जोड़ती है।
लामिछाने ने कहा कि यह परिवर्तन किसी हिंसा, तख्तापलट या संवैधानिक संकट की कहानी नहीं है, बल्कि यह एक शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक मतपेटी क्रांति है। नेपाल ने यह साबित किया है कि लोकतंत्र परिवर्तन का सबसे प्रभावी माध्यम है। आज का नेपाल भविष्य में समृद्ध और जीवंत लोकतंत्र के मार्ग पर अग्रसर है, जिसका मूल आधार सुशासन, विकास और जनता के प्रति जवाबदेही है।
राष्ट्रीय स्वतन्त्र पार्टी नेपाल की नई राजनीतिक शक्ति के रूप में सामने आई है। इसने युवाओं को परिणाम-आधारित राजनीति से जोड़ा और देश के लिए एक नई दृष्टि प्रस्तुत की। युवा, समावेशी और स्वच्छ छवि वाले उम्मीदवारों ने जनता का विश्वास हासिल किया। पार्टी अतीत के राजनीतिक बोझ से मुक्त है और भारत सहित वैश्विक साझेदारों के साथ खुले और पारदर्शी एजेंडे के साथ संबंध बनाना चाहती है।
नेपाल और भारत केवल पड़ोसी नहीं, बल्कि प्राचीन सभ्यता के साझेदार हैं। जनकपुर और अयोध्या, पशुपतिनाथ और केदारनाथ, लुम्बिनी और बोधगया जैसे आध्यात्मिक केंद्र दोनों देशों के सांस्कृतिक और धार्मिक जुड़ाव का प्रतीक हैं। नेपाल केवल सीमाओं को जोड़ना नहीं चाहता, बल्कि आर्थिक विकास के जरिए साझेदारी को सशक्त करना चाहता है।
लामिछाने ने भारत की आर्थिक प्रगति और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास का उदाहरण दिया। प्रस्तावित रक्सौल-काठमांडू रेलमार्ग व्यापार, पर्यटन और क्षेत्रीय संपर्क में क्रांतिकारी बदलाव ला सकता है। इसके अलावा भारत के विमानन, औद्योगिक अनुभव और तकनीकी सहयोग से नेपाल में उन्नत उद्योग, स्टार्टअप, आईटी और डिजिटल प्लेटफार्मों के माध्यम से नवाचार और आर्थिक विकास संभव है।
रास्वपा का लक्ष्य नेपाल-भारत संबंधों को "विकास कूटनीति" के आधार पर मजबूत करना है। जलविद्युत, ऊर्जा बाजार, कृषि, स्वास्थ्य, साइबर सुरक्षा और आपदा प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में साझेदारी नेपाल और भारत के नागरिकों के जीवन में प्रत्यक्ष परिणाम दे सकती है। सीमाओं को बाधा के बजाय पुल में बदलने के लिए डिजिटल एकीकृत प्रणाली और उन्नत ट्रांजिट कॉरिडोर विकसित किए जा सकते हैं।
नेपाल-भारत साझेदारी के लिए समय अनुकूल है। पिछले 30 वर्षों की अस्थिर राजनीति और भ्रष्टाचार का दौर खत्म हो चुका है। अब नेपाल के पास युवा मतदाताओं का मजबूत जनादेश है, जो पारंपरिक राजनीति से हटकर परिणाम देने वाले नेतृत्व को चुन रहे हैं। लामिछाने ने कहा कि 2014 में नरेन्द्र मोदी द्वारा नेपाल की संसद में दिए गए संबोधन की गर्मजोशी और विश्वास को पुनर्जीवित करने का समय आ गया है। अब साझा भविष्य की संभावनाओं पर आधारित सहयोग और निकटता का निर्माण करना आवश्यक है।












