नई दिल्ली, 02 जून।
भारतीय महिला हॉकी टीम की पेनाल्टी कॉर्नर की दक्षता को और अधिक धार देने के लिए नीदरलैंड के महान ड्रैग-फ्लिकर टेके टेकेमा विशेष प्रशिक्षण शिविर के माध्यम से टीम के साथ जुड़ गए हैं। यह विशेष शिविर ऑस्ट्रेलिया और न्यूज़ीलैंड दौरे के दौरान 26 मई से 21 जून तक आयोजित किया जा रहा है। भारतीय टीम मुख्य कोच सजोर्ड मारिजने के नेतृत्व में आगामी एफआईएच महिला हॉकी नेशंस कप न्यूज़ीलैंड 2025-26 के लिए कमर कस रही है, जिसका आयोजन 15 से 21 जून तक ऑकलैंड में होगा।
प्रशिक्षण सत्रों का मुख्य केंद्र भारतीय ड्रैग-फ्लिकरों की तकनीक को परिष्कृत करना और पेनाल्टी कॉर्नर को गोल में परिवर्तित करने की सफलता दर को बढ़ाना है। इस शिविर में दीपिका, लालथांतलुआंगी और अन्नू जैसे खिलाड़ी विशेष रूप से अपनी ड्रैग-फ्लिकिंग कौशल को निखार रही हैं। टेके टेकेमा विश्व हॉकी के सबसे सफल ड्रैग-फ्लिकरों में शुमार किए जाते हैं। अपने अंतरराष्ट्रीय करियर में उन्होंने 200 से अधिक मैचों में 221 गोल दर्ज किए हैं।
यह पहल आनंदना – द कोका-कोला इंडिया फाउंडेशन के सहयोग से क्रियान्वित की जा रही है। इससे पूर्व फाउंडेशन ने बेंगलुरु में गोलकीपिंग कोच डेविड विलियमसन द्वारा आयोजित शिविर को भी अपना समर्थन दिया था। ऑस्ट्रेलिया दौरे पर पर्थ में भारतीय टीम का प्रदर्शन सकारात्मक रहा और उन्होंने मेजबान टीम के साथ मैत्रीपूर्ण श्रृंखला 2-2 से बराबर की।
भारतीय टीम 3 जून को न्यूज़ीलैंड के लिए रवाना होगी, जहाँ नेशंस कप से पहले अभ्यास सत्रों और मैचों के जरिए रणनीतिक तैयारियों को अंतिम रूप दिया जाएगा। मुख्य कोच सजोर्ड मारिजने का मानना है कि आधुनिक हॉकी में पेनाल्टी कॉर्नर खेल का रुख मोड़ने में निर्णायक होते हैं। मारिजने ने कहा कि टेकेमा की विशेषज्ञता न केवल ड्रैग-फ्लिकिंग बल्कि रक्षात्मक संरचना को भी सुदृढ़ करने में सहायक सिद्ध होगी। टीम में मौजूद प्रतिभाओं को देखते हुए यह शिविर प्रदर्शन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए मील का पत्थर साबित होगा।











