नई दिल्ली, 04 जून।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सशस्त्र सेनाओं की परिचालन क्षमता को मजबूत करने के उद्देश्य से फील्ड कमांडरों की वित्तीय सीमाओं को दोगुना करने को मंजूरी दे दी है।
इसी क्रम में उन्होंने ‘रक्षा सेवाओं को वित्तीय शक्तियों का प्रत्यायोजन’ भी जारी किया, जिसके तहत राजस्व मद से होने वाली खरीद के लिए 1.25 लाख करोड़ रुपये से अधिक की वार्षिक वित्तीय क्षमता प्रदान की गई है।
इस निर्णय से फील्ड कमांडरों को पहले की तुलना में अधिक अधिकार मिलेंगे, जिससे निर्णय प्रक्रिया तेज होगी और सेना की ऑपरेशनल तैयारियों को मजबूती मिलेगी।
रक्षा मंत्रालय के अनुसार, स्वदेशीकरण को बढ़ावा देने और विदेशी उपकरणों पर निर्भरता घटाने के लिए अनुसंधान एवं विकास से जुड़ी वित्तीय शक्तियों को भी दोगुना किया गया है। इसके साथ ही सशस्त्र बलों के लिए संयुक्त खरीद को गति देने के नए प्रावधान भी लागू किए गए हैं।
रक्षा मंत्री ने कहा कि यह पहल फील्ड कमांडरों को अधिक अधिकार देकर निर्णय प्रक्रिया को तेज करेगी और अंततः देश की परिचालन तैयारियों को बेहतर बनाएगी।
उन्होंने बताया कि इस ढांचे का उद्देश्य रक्षा क्षेत्र में अनुसंधान एवं विकास को बढ़ावा देना तथा आयात पर निर्भरता कम करना है, जिससे लघु उद्योगों, स्टार्टअप्स और निजी क्षेत्र की भागीदारी को भी प्रोत्साहन मिलेगा।
मंत्रालय के अनुसार, वित्तीय शक्तियों में इस वृद्धि से मौजूदा बजटीय आवंटन के तहत 1.25 लाख करोड़ रुपये से अधिक की खरीद को सरल बनाया जा सकेगा। वस्तुओं और सेवाओं की खरीद को विकेंद्रीकृत करने के लिए नए सक्षम वित्तीय अधिकारियों की भी नियुक्ति की गई है।
फील्ड कमांडरों की वित्तीय शक्तियों की अंतिम समीक्षा वर्ष 2021 में की गई थी, और ऑपरेशनल खर्च बढ़ने के कारण यह संशोधन आवश्यक माना गया। यह बदलाव अक्टूबर 2025 में जारी संशोधित रक्षा खरीद नियमावली के अनुरूप तेज निर्णय और समयबद्ध आपूर्ति सुनिश्चित करेगा।
इस अवसर पर चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ, तीनों सेनाओं के प्रमुख, रक्षा सचिव सहित रक्षा उत्पादन, वित्त, पूर्व सैनिक कल्याण विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और अन्य शीर्ष अधिकारी उपस्थित रहे।









