शिवपुरी, 30 मई ।
शिवपुरी जिले में समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीद के भुगतान में बड़े स्तर पर अनियमितता और फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है, जिसमें किसानों की राशि कथित रूप से उनकी जानकारी के बिना खोले गए संदिग्ध खातों में ट्रांसफर कर दी गई।
जानकारी के अनुसार किसानों के बैंक खातों में सीधे भुगतान भेजने के बजाय फिनो पेमेंट बैंक में बिना अनुमति खोले गए खातों में राशि जमा किए जाने का खुलासा हुआ है। शिकायत मिलने के बाद जिला प्रशासन सक्रिय हुआ और मामले की जांच शुरू कर दी गई।
जांच की जिम्मेदारी अपर जिला दंडाधिकारी को सौंपी गई है। प्रशासन की तत्परता से संदिग्ध खातों पर तुरंत होल्ड लगवा दिया गया, जिससे कई किसानों की बची हुई राशि सुरक्षित रह सकी। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि कुछ किसानों की आंशिक राशि पहले ही निकाली जा चुकी थी, जबकि एक किसान की पूरी रकम सुरक्षित बच गई।
सूत्रों के अनुसार कुल आठ किसानों ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके नाम पर बिना जानकारी के फिनो पेमेंट बैंक में खाते खोले गए हैं। इनमें से सात किसानों के खातों से राशि निकालकर कथित रूप से धोखाधड़ी की गई, लेकिन प्रशासन की त्वरित कार्रवाई से आगे की निकासी रुक गई।
ग्राम सेवड़ा निवासी किसान मुरारी लाल धाकड़ के खाते में 2 लाख 83 हजार 221 रुपये में से 1 लाख 57 हजार 646 रुपये शेष बचे, वहीं विवेकानंद शिवपुरी निवासी सुशीला राजपूत के खाते में 2 लाख 25 हजार 748 रुपये में से 1 लाख 69 हजार 900 रुपये सुरक्षित रहे।
इसी तरह ग्राम चंदौरिया तहसील कोलारस निवासी पवन दांगी के खाते से 1 लाख 4 हजार 999 रुपये में से 56 हजार 999 रुपये, ग्राम उमरीखुर्द तहसील पिछोर निवासी रानी तिवारी के खाते से 52 हजार 774 रुपये में से 28 हजार 874 रुपये, ग्राम राजापुर निवासी अमरसिंह लोधी के खाते से 1 लाख 48 हजार 311 रुपये में से 1 लाख 8 हजार 311 रुपये शेष बचे।
ग्राम पीरोंठ तहसील बदरवास निवासी मुलाम बाई यादव के खाते से 1 लाख 27 हजार 311 रुपये में से 99 हजार 311 रुपये, तथा ग्राम बंहटा निवासी विश्व वीर सिंह जाट के खाते से 6 लाख 64 हजार 261 रुपये में से 6 लाख 45 हजार 761 रुपये सुरक्षित बचे हैं। वहीं कोलारस निवासी किसान नफे सिंह पुत्र भालेराम की पूरी राशि 1 लाख 58 हजार 811 रुपये सुरक्षित पाई गई।
प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस जांच भी शुरू कर दी है। साथ ही फिनो पेमेंट बैंक के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई के लिए संबंधित प्राधिकारी और रिजर्व बैंक को पत्राचार किया गया है।






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