05 जून, भोपाल।
मध्य प्रदेश में राज्य सरकार जनहितैषी संकल्पों को प्राथमिकता देते हुए शासकीय कार्यों में पारदर्शिता और वित्तीय अनुशासन लाने के लिए सख्त हो गई है। इसी क्रम में, नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने विभिन्न नगरीय निकायों में लंबे समय से लंबित जांच प्रकरणों का निस्तारण करते हुए दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की है। आयुक्त संकेत भोंडवे ने स्पष्ट किया है कि जनता के धन का दुरुपयोग और कर्तव्यों के प्रति बरती गई लापरवाही किसी भी हाल में स्वीकार्य नहीं है।
प्रशासनिक स्तर पर की गई इस कार्रवाई का दायरा व्यापक है। नगर परिषद नगौद में स्टॉप डेम निर्माण में विसंगतियों के लिए तत्कालीन मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) संजय पाण्डेय को 'परिनिंदा' का दंड दिया गया है, जिससे वे एक वर्ष तक पदोन्नति नहीं पा सकेंगे। वहीं, नगर परिषद जैतहरी में कोरोना काल के दौरान सामग्री क्रय में नियमों की अवहेलना करने पर भंडार प्रभारी मोहित शर्मा, मुख्य लिपिक रजनीश लहंगीर और स्वच्छता प्रभारी संजीव राठौर की चार-चार वार्षिक वेतनवृद्धियां संचयी प्रभाव से रोक दी गई हैं। इसी परिषद में विद्यालय की भूमि को नुकसान पहुंचाने के मामले में राजस्व निरीक्षक अवधेश बीझी और प्रभारी सीएमओ भूपेंद्र सिंह की दो-दो वेतनवृद्धियां भी रोकी गई हैं।
विभाग ने निवृत्त हो चुके कर्मियों की जवाबदेही तय करने में भी संकोच नहीं किया है। नगर परिषद जैतहरी के तत्कालीन प्रभारी सीएमओ राम मिलन तिवारी को भूमि संबंधी गड़बड़ियों और कोरोना काल की अनियमितताओं का दोषी पाते हुए उनकी पेंशन में क्रमशः 10 और 20 प्रतिशत की स्थायी कटौती के आदेश दिए गए हैं। साथ ही, नगर परिषद पिपलौदा के प्रभारी सीएमओ अरुण पाठक की तीन वेतनवृद्धियां और शहडोल व धार नगर पालिकाओं में निर्माण कार्यों में लापरवाही बरतने वाले उपयंत्रियों व सहायक यंत्रियों के विरुद्ध भी दंडात्मक कार्रवाई की गई है।
अनुशासनहीनता के गंभीर मामलों में विभाग ने और भी सख्त रुख अपनाया है। सोयतकलां नगर परिषद के तत्कालीन सीएमओ अशोक कुमार पांचाल को 9 लाख रुपये से अधिक की आर्थिक क्षति पहुंचाने के कारण राजस्व निरीक्षक से उप राजस्व निरीक्षक पद पर पदावनत कर दिया गया है। इसके अलावा, संचालनालय में पदस्थ सहायक वर्ग-2 शेखर ठाकुर को लंबे समय तक अनाधिकृत अनुपस्थिति रहने के कारण अनिवार्य सेवानिवृत्ति प्रदान की गई है। आयुक्त भोंडवे ने यह चेतावनी दी है कि भविष्य में भी भ्रष्टाचार और शिथिलता के विरुद्ध यह अभियान निरंतर जारी रहेगा।










