नई दिल्ली, 02 मई।
भारतीय रेलवे ने अपने बुनियादी ढांचे को और मजबूत बनाने के लिए 895.30 करोड़ रुपए की परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इनमें रेलवे पुलों के नवीकरण और मेट्रो रेल प्रणाली के विद्युत प्रणालियों को अपग्रेड करने की योजनाएं शामिल हैं। इन परियोजनाओं का मुख्य उद्देश्य सुरक्षा, क्षमता और संचालन दक्षता को सुधारना है।
कोलकाता मेट्रो के लिए बड़ा उन्नयनकोलकाता मेट्रो के उत्तर-दक्षिण कॉरिडोर को और मजबूत करने के लिए 671.72 करोड़ रुपए की परियोजना को मंजूरी दी गई है। इस परियोजना के तहत 7 नए ट्रैक्शन सबस्टेशन स्थापित किए जाएंगे और मौजूदा 11 केवी की बिजली प्रणाली को 33 केवी में अपग्रेड किया जाएगा। इससे मेट्रो की संचालन क्षमता में जबरदस्त सुधार होगा। पहले जहां ट्रेनें 5 मिनट के अंतराल पर चलती थीं, अब 2.5 मिनट के अंतराल पर ट्रेनें चलाने की मंजूरी दी गई है, जिससे यात्रियों की बढ़ती मांग को बेहतर तरीके से पूरा किया जा सकेगा।
पुरानी प्रणाली से उत्पन्न समस्याएंकोलकाता मेट्रो का सिस्टम 1980 के दशक में विकसित हुआ था और अब यह अपनी क्षमता की सीमा तक पहुंच चुका है। पुराने उपकरणों और सबस्टेशनों में स्पेयर पार्ट्स की कमी के कारण रखरखाव में मुश्किलें आ रही थीं। नए उन्नयन से बिजली आपूर्ति अधिक विश्वसनीय हो जाएगी, जिससे मेट्रो सेवा की गुणवत्ता में सुधार होगा।
आद्रा डिवीजन में पुल परियोजना को मंजूरीदक्षिण पूर्वी रेलवे के आद्रा डिवीजन में 223.58 करोड़ रुपए की लागत से पुलों की अवसंरचना को मजबूत किया जाएगा। इस परियोजना के तहत मधुकुंडा-दामोदर खंड पर स्थित पुराने पुल (संख्या 520) को फिर से मजबूत किया जाएगा, जो 1903 और 1965 में बनाए गए थे और अब अपनी क्षमता से बाहर हो चुके हैं। इस सुधार से सुरक्षा, विश्वसनीयता और संचालन दक्षता में सुधार होगा।
माल ढुलाई और उद्योगों के लिए लाभकारी कदमयह खंड आसनसोल और टाटानगर के बीच एक महत्वपूर्ण रेलवे लिंक है और कोयला गलियारे का भी हिस्सा है। इस परियोजना के पूरा होने से न केवल माल ढुलाई में सुधार होगा, बल्कि दुर्गापुर-आसनसोल क्षेत्र के उद्योगों को भी बेहतर रेल संपर्क मिलेगा।
आधुनिक और सुरक्षित रेल नेटवर्क की दिशा में महत्वपूर्ण कदमइन परियोजनाओं के तहत भारतीय रेलवे आधुनिक, सुरक्षित और उच्च क्षमता वाली रेल प्रणाली की दिशा में आगे बढ़ रहा है। कोलकाता मेट्रो के उन्नयन से यात्रियों को बेहतर सेवा मिलेगी, जबकि पुल परियोजना से माल ढुलाई और औद्योगिक संपर्क को मजबूती मिलेगी।











