भोपाल, 01 मई।
देवास–भोपाल कॉरिडोर पर सड़क सुरक्षा को लेकर किए गए समन्वित प्रयासों के सकारात्मक नतीजे सामने आए हैं, जिससे क्षेत्र में दुर्घटनाओं में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है और एक प्रमुख मार्ग को ब्लैक स्पॉट सूची से हटा दिया गया है।
सीहोर जिले का बिलकिसगंज–झागरिया मार्ग, जो पहले दुर्घटनाओं के लिए संवेदनशील माना जाता था, अब सुरक्षा सुधारों के बाद ब्लैक स्पॉट सूची से बाहर कर दिया गया है। यह बदलाव व्यापक अभियान और लगातार निगरानी के बाद संभव हो सका है।
कॉरिडोर प्रबंधन द्वारा जागरूकता, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को एक साथ जोड़ते हुए बहुआयामी अभियान चलाया गया, जिससे स्थानीय स्तर पर सड़क सुरक्षा के प्रति समझ और जिम्मेदारी दोनों में वृद्धि हुई।
“मेरा गाँव मेरी दुनिया” पहल के अंतर्गत टेक्नो ट्रक के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क सुरक्षा और जीवन कौशल से जुड़े प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनका सीधा लाभ ग्रामीण समुदाय को मिला।
इसके साथ ही पीपल ट्री फाउंडेशन के सहयोग से कौशल विकास केंद्रों में युवाओं को रोजगारपरक प्रशिक्षण दिया गया, जिससे उनके लिए नए अवसरों के द्वार खुले।
अपोलो फाउंडेशन के “प्रोजेक्ट निरामय” के तहत चालकों के स्वास्थ्य परीक्षण, नेत्र जांच और परामर्श की सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं, जिससे सुरक्षित ड्राइविंग को बढ़ावा मिला।
इसके अलावा सड़क पर साइन बोर्ड, सोलर ब्लिंकर, स्पीड ब्रेकर और रिफ्लेक्टर जैसी सुरक्षा व्यवस्थाएं भी मजबूत की गईं, जिससे दुर्घटनाओं की संभावना में कमी आई।
इन संयुक्त प्रयासों का परिणाम यह रहा कि न केवल दुर्घटनाओं में गिरावट दर्ज की गई बल्कि सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता और समुदाय की सक्रिय भागीदारी भी काफी मजबूत हुई है।








