पाल, 01 मई।
बिजली चोरी पर रोक लगाने और उपभोक्ताओं की सक्रिय भागीदारी बढ़ाने के लिए मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने अपनी पारितोषिक योजना को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं।
कंपनी द्वारा संचालित इस संशोधित योजना के तहत अब बिजली के अवैध उपयोग की सटीक जानकारी देने वाले सूचनाकर्ताओं को इनाम राशि के लिए लंबे समय तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा। इसके लिए प्रक्रिया को सरल और त्वरित किया गया है।
निर्णय के अनुसार, जब दी गई सूचना सही पाई जाएगी और अंतिम निर्धारण आदेश जारी हो जाएगा, तो सूचनाकर्ता को मिलने वाली कुल 10 प्रतिशत प्रोत्साहन राशि में से 5 प्रतिशत राशि का भुगतान तुरंत कर दिया जाएगा।
शेष 5 प्रतिशत राशि का भुगतान आरोपी से पूरी वसूली होने के बाद किया जाएगा, जिससे पूरी प्रक्रिया अधिक जवाबदेह और समयबद्ध बन सके।
कंपनी का मानना है कि इस बदलाव से बिजली चोरी की घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण के साथ-साथ लोगों की सहभागिता भी बढ़ेगी।









