नर्मदापुरम, 01 मई।
वैशाख शुक्ल पक्ष की बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर शुक्रवार को मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम जिले में नर्मदा नदी के विभिन्न घाटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली और हजारों लोगों ने पवित्र नर्मदा में आस्था की डुबकी लगाई।
सुबह लगभग 5 बजे से ही सेठानी घाट, विवेकानंद घाट, पर्यटन घाट, कोरी घाट, गोंदरी घाट और बांद्राभान सहित सभी प्रमुख घाटों पर स्नान की प्रक्रिया प्रारंभ हो गई थी। इस दौरान श्रद्धालुओं ने स्नान के साथ पूजा-अर्चना भी की तथा कई स्थानों पर सत्यनारायण कथा का आयोजन किया गया।

दोपहर के समय विभिन्न स्थानों पर भंडारों के आयोजन की तैयारियां भी देखी गईं। भीड़ को ध्यान में रखते हुए नर्मदा घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था को सख्त किया गया है और पुलिस, होमगार्ड तथा राजस्व विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी सुबह से ही तैनात रहे। सुरक्षा बल लगातार श्रद्धालुओं को गहरे पानी में जाने से रोकते रहे। सेठानी घाट पर लाउडस्पीकर के माध्यम से लोगों से अपील की जा रही है कि वे किनारे पर ही सुरक्षित स्नान करें।
गौरतलब है कि बुद्ध पूर्णिमा का विशेष धार्मिक महत्व है, जिसे प्रत्येक वर्ष वैशाख शुक्ल पूर्णिमा को मनाया जाता है। मान्यता है कि इसी दिन भगवान बुद्ध का जन्म हुआ था और बोधगया में बोधि वृक्ष के नीचे उन्हें ज्ञान की प्राप्ति हुई थी, जिसके कारण इसे वैशाख पूर्णिमा भी कहा जाता है। इस दिन स्नान, दान और भगवान बुद्ध की शिक्षाओं के प्रचार-प्रसार का विशेष महत्व माना जाता है।









