नई दिल्ली, 01 मई
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुद्ध पूर्णिमा के पावन अवसर पर देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं और जीवन में शांति, करुणा तथा सद्भाव के मार्ग पर अग्रसर रहने का संदेश दिया। उन्होंने सभी से भगवान गौतम बुद्ध के आदर्शों को अपनाने और उनके जीवन मूल्यों को व्यवहार में उतारने का संकल्प लेने की अपील की।
प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि बुद्ध पूर्णिमा का यह पावन अवसर मानवता को शांति और करुणा के मार्ग की ओर प्रेरित करता है, इसलिए सभी नागरिकों को भगवान बुद्ध के जीवन मूल्यों को अपनाने का संकल्प दोहराना चाहिए। उन्होंने इस पर्व को आत्मचिंतन और सद्भाव बढ़ाने वाला बताया।
इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने एक संस्कृत सुभाषित भी साझा किया, जिसमें यह संदेश निहित है कि न तो भीतर और न ही बाहर किसी स्थायी आत्मा या सत्ता का अस्तित्व है। जब व्यक्ति भगवान बुद्ध द्वारा बताए गए अष्टांगिक मार्ग—सम्यक दृष्टि, सम्यक संकल्प और सम्यक आचरण—का पालन करता है, तो वह सभी दुखों से मुक्त होकर परम शांति को प्राप्त करता है।
प्रधानमंत्री ने आशा व्यक्त की कि भगवान बुद्ध के विचार समाज में एकता, सौहार्द और आनंद की भावना को और अधिक मजबूत करेंगे तथा लोगों को शांति के मार्ग पर प्रेरित करते रहेंगे।









