नई दिल्ली, 30 अप्रैल
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि जीवन में उत्साह और सकारात्मक ऊर्जा व्यक्ति को निरंतर सक्रिय बनाए रखते हैं तथा यही गुण सफलता की आधारशिला बनते हैं। उन्होंने उल्लेख किया कि कर्मठ और ऊर्जा से परिपूर्ण नागरिक ही राष्ट्र की वास्तविक शक्ति होते हैं, जिनके परिश्रम से विकास के नए मार्ग खुलते हैं और प्रगति की दिशा विस्तृत होती है।
प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि ऐसे प्रयासों के माध्यम से देश समृद्धि, आत्मनिर्भरता और निरंतर उन्नति के शिखर की ओर अग्रसर होता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सकारात्मक सोच और निरंतर प्रयास ही किसी भी राष्ट्र को मजबूत आधार प्रदान करते हैं।
उन्होंने एक संस्कृत सुभाषित साझा करते हुए उसके भावार्थ को समझाया कि उत्साह और दृढ़ संकल्प व्यक्ति को अपने कार्यों में सतत सक्रिय बनाए रखते हैं। यही निरंतर प्रेरणा प्रत्येक लक्ष्य को सफलता तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। साथ ही उन्होंने नागरिकों से आग्रह किया कि वे अपने कार्यों में ऊर्जा और निरंतरता बनाए रखें, जिससे व्यक्तिगत और राष्ट्रीय दोनों स्तरों पर प्रगति सुनिश्चित हो सके।











