भोपाल, 01 मई।
मध्य प्रदेश में उच्च शिक्षा विभाग के अंतर्गत संचालित सभी शासकीय, अशासकीय तथा एनसीटीई से जुड़े महाविद्यालयों में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए प्रवेश प्रक्रिया आज से आरंभ हो गई है, जो 30 जून 2026 तक जारी रहेगी।
विभागीय निर्देशों के अनुसार इस वर्ष भी प्रवेश व्यवस्था को तीन चरणों में विभाजित किया गया है, जिसमें दो केंद्रीकृत चरण और एक कॉलेज स्तर की काउंसलिंग प्रक्रिया शामिल है। विद्यार्थी ई-प्रवेश मोबाइल ऐप और ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से घर बैठे पंजीयन कर सकते हैं तथा विकल्प चयन की सुविधा भी आज से उपलब्ध कराई गई है।
इस बार एनसीटीई और परंपरागत पाठ्यक्रमों के लिए पंजीयन शुल्क 100 रुपये तय किया गया है, जबकि पोर्टल शुल्क समाप्त कर दिया गया है। प्रथम चरण में छात्राओं से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा, वहीं द्वितीय चरण से सभी अभ्यर्थियों के लिए पंजीयन शुल्क 150 रुपये निर्धारित किया गया है।
जिन विद्यार्थियों को पंजीयन में कठिनाई होगी, उनके लिए प्रदेशभर के महाविद्यालयों में सहायता केंद्र स्थापित किए गए हैं, जहां निःशुल्क सहयोग उपलब्ध रहेगा। साथ ही 24 घंटे हेल्पलाइन, टोल-फ्री नंबर और हेल्पडेस्क की व्यवस्था भी की गई है।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप इस सत्र में एक नया प्रावधान जोड़ा गया है, जिसके तहत अन्य संकायों में प्रवेश के इच्छुक विद्यार्थियों के लिए साक्षात्कार आधारित पात्रता की सुविधा दी जाएगी। इसके लिए 14 मई 2026 तक प्रमुख महाविद्यालयों में वॉक-इन इंटरव्यू आयोजित किए जाएंगे।
प्रवेश प्रक्रिया में मेजर विषय के आधार पर सीट आवंटन किया जाएगा, जबकि विद्यार्थी अपनी रुचि के अनुसार माइनर और मल्टीडिसिप्लिनरी विषय चुन सकेंगे। प्रवेश आवंटन सूची क्रमशः 20 मई 2026, 7 जून 2026 और 23 जून 2026 को जारी की जाएगी।









