नई दिल्ली, 30 अप्रैल।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के अवसर पर दिल्ली स्थित संघ कार्यालय केशव कुंज के अशोक सिंघल सभागार में हिंदी नाटक ‘संघ गंगा के तीन भगीरथ’ का विशेष मंचन आयोजित किया गया। यह इस नाट्य प्रस्तुति का 100वां मंचन था, जिसने उपस्थित दर्शकों को प्रेरणा से भर दिया।
इस अवसर पर दिल्ली के कला, संस्कृति एवं भाषा मंत्री कपिल मिश्रा तथा संघ के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे। मंचन के दौरान सभागार में बड़ी संख्या में गणमान्य अतिथि, सामाजिक कार्यकर्ता, साहित्यकार, कलाकार और नागरिक मौजूद रहे।
यह नाटक संघ के प्रथम तीन सरसंघचालकों डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार, माधव सदाशिव गोलवलकर (गुरुजी) और बालासाहेब देवरस के जीवन, विचारों और योगदान पर आधारित है। इसके माध्यम से संघ के सौ वर्षों के ऐतिहासिक सफर को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया है।
शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित इस प्रस्तुति का यह 100वां मंचन बुधवार शाम किया गया, जिसमें संघ के संगठनात्मक विकास और विचार यात्रा को जीवंत रूप में दर्शाया गया।
कार्यक्रम में मंत्री कपिल मिश्रा ने कहा कि ऐसी सांस्कृतिक प्रस्तुतियां राष्ट्रभक्ति, अनुशासन, संगठन और समर्पण की भावना को मजबूत करती हैं। उन्होंने इसे एक निरंतर प्रवाहित होने वाली वैचारिक और सांस्कृतिक धारा बताया, जो समाज और राष्ट्र को नई दिशा प्रदान करती है।
उन्होंने यह भी कहा कि नाटक, लेखन और अन्य सांस्कृतिक माध्यमों से राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाना सामूहिक जिम्मेदारी है, जिसे निरंतर जारी रखना चाहिए।
यह नाट्य कृति श्रीधर गाडगे द्वारा लिखी गई है तथा इसका निर्देशन संजय पेंडसे ने किया है। इसमें उन महान व्यक्तित्वों के जीवन को प्रस्तुत किया गया है, जिन्होंने कठिन परिस्थितियों में भी राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए मजबूत संगठन की नींव रखी।
संघ के शताब्दी वर्ष के अवसर पर इस नाटक के मंचन देशभर में आयोजित किए जा रहे हैं, जिनका उद्देश्य नई पीढ़ी तक राष्ट्रवाद, अनुशासन, सामाजिक समरसता और संघ के गौरवशाली इतिहास को प्रभावी रूप से पहुंचाना है।





.jpg)





