भोपाल, 1 मई।
प्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में चलाए जा रहे जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत जल संरक्षण और पुनर्जीवन के कार्य तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के माध्यम से खेत-तालाब, अमृत सरोवर, रेन वाटर हार्वेस्टिंग और सूखे कुओं के पुनर्जीवन जैसे कार्य व्यापक स्तर पर किए जा रहे हैं।
अभियान के अंतर्गत पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल द्वारा लगातार कार्यों की समीक्षा की जा रही है और प्रगति पर विशेष नजर रखी जा रही है।
विभागीय जानकारी के अनुसार अभियान के तहत अब तक दो लाख तैंतालीस हजार से अधिक जल संरक्षण कार्य संचालित किए जा रहे हैं, जिनकी कुल अनुमानित लागत लगभग छह हजार दो सौ उनतीस करोड़ रुपये है। इस वर्ष अभियान में पुराने अधूरे कार्यों को पूर्ण करने पर विशेष जोर दिया गया है।
इसी क्रम में इस वर्ष 19 मार्च से प्रारंभ हुए अभियान के तीसरे चरण में अब तक एक लाख चौंसठ हजार से अधिक कार्यों को पूर्ण कर लिया गया है, जिससे अभियान की गति और प्रभाव स्पष्ट दिखाई दे रहा है।
राज्य स्तर पर प्रदर्शन के आधार पर खंडवा जिला पहले स्थान पर रहा है, जबकि खरगोन दूसरे स्थान पर, डिंडोरी तीसरे स्थान पर, राजगढ़ चौथे स्थान पर और बालाघाट पांचवें स्थान पर दर्ज किया गया है।









