भोपाल, 01 मई।
राज्य सरकार ने जनगणना और निर्वाचन कार्यों में लगाए जाने वाले शिक्षकों को बड़ी राहत प्रदान करते हुए अर्जित अवकाश देने का निर्णय लिया है, जिससे लंबे समय से चली आ रही उनकी मांग को आंशिक रूप से स्वीकार किया गया है।
सरकार द्वारा यह व्यवस्था एक मई से प्रारंभ हुई जनगणना प्रक्रिया से पहले लागू की गई है, जिससे उन शिक्षकों को लाभ मिलेगा जिन्हें अवकाश अवधि के दौरान भी सरकारी कार्यों में तैनात किया जाता है।
लोक शिक्षण संचालनालय के आयुक्त की ओर से इस संबंध में सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं, जिनमें कहा गया है कि शिक्षक संवर्ग के कर्मचारी यदि अपने निर्धारित विश्राम अवकाश के दौरान जनगणना, निर्वाचन या अन्य गैर-शैक्षणिक कार्यों में लगाए जाते हैं तो उन्हें इसके बदले अर्जित अवकाश प्रदान किया जाएगा।
हालांकि इस सुविधा के लिए एक शर्त भी निर्धारित की गई है, जिसके तहत संबंधित शिक्षकों को कार्य अवधि के दौरान “हमारे शिक्षक” एप के माध्यम से ई-अटेंडेंस दर्ज कराना अनिवार्य होगा।
विभागीय निर्देशों में यह भी स्पष्ट किया गया है कि ई-अटेंडेंस के आधार पर ही अर्जित अवकाश के संचित होने पर आगे विचार किया जाएगा, जिससे व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके।
दरअसल, स्कूल शिक्षा विभाग के निर्धारित कैलेंडर के अनुसार शिक्षकों को एक मई से अवकाश मिलना था, लेकिन जनगणना कार्य के चलते बड़ी संख्या में शिक्षकों को ड्यूटी पर तैनात किया गया, जिससे असंतोष की स्थिति बनी।
इसी मुद्दे को लेकर शिक्षक संगठनों ने सरकार से यह मांग उठाई थी कि अन्य राज्यों की तरह यहां भी जनगणना और निर्वाचन कार्य में लगे शिक्षकों को अर्जित अवकाश का लाभ दिया जाए, जिस पर अब सरकार ने यह निर्णय लिया है।









