भोपाल, 01 मई।
प्रदेश में चल रही स्वगणना प्रक्रिया में बड़े शहरों की तुलना में छोटे जिलों की भागीदारी अधिक देखने को मिली है, जहां डिजिटल माध्यम से लोगों ने मकान संबंधी जानकारी भरने में अधिक सक्रियता दिखाई है।
जनगणना के अंतर्गत स्वगणना अभियान के दौरान भोपाल में केवल 19,411 लोगों ने ऑनलाइन फार्म भरे, जबकि अन्य बड़े शहरों में भी अपेक्षाकृत कम भागीदारी दर्ज की गई। इंदौर में 13,778, ग्वालियर में 9,976 और जबलपुर में 16,813 लोगों ने मकान गणना से जुड़े प्रश्नों की जानकारी स्वयं दर्ज की।
इसके विपरीत प्रदेश के छोटे जिलों ने इस अभियान में उल्लेखनीय रुचि दिखाई है। रायसेन और मंदसौर पूरे प्रदेश में सबसे आगे रहे, जहां स्वगणना प्रक्रिया में लोगों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली।
जनगणना निदेशालय के निर्देशों के तहत 16 से 30 अप्रैल के बीच चलाए गए इस अभियान में रायसेन जिला पहले स्थान पर रहा, जबकि मंदसौर दूसरे स्थान पर रहा। इन दोनों जिलों में एक लाख से अधिक लोगों ने मोबाइल एप के माध्यम से मकान गणना से जुड़े 33 प्रश्नों की जानकारी स्वयं दर्ज की।
प्रदेश में स्वगणना प्रक्रिया अब समाप्त हो चुकी है और इसके बाद प्रगणकों ने घर-घर जाकर वास्तविक गणना का कार्य शुरू कर दिया है। 30 अप्रैल तक प्रदेशभर में 7 लाख 46 हजार 157 लोगों ने डिजिटल माध्यम से भाग लिया, जबकि 29 अप्रैल तक यह संख्या 5 लाख 81 हजार 152 थी।
अधिकारियों के अनुसार बड़े शहरों में कम भागीदारी का एक प्रमुख कारण यह रहा कि आगे चलकर प्रगणकों द्वारा घर-घर जाकर जानकारी का सत्यापन किया जाना है, जिसके चलते लोगों ने स्वयं ऑनलाइन जानकारी भरने में कम रुचि दिखाई।









