मुंबई, 01 मई।
महाराष्ट्र दिवस के अवसर पर राज्य सरकार ने ऑटो, टैक्सी और ऐप आधारित कैब चालकों के लिए मराठी भाषा का ज्ञान अनिवार्य कर दिया है। परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने कहा कि इस निर्णय का मुख्य उद्देश्य यात्रियों और चालकों के बीच भाषा संबंधी विवादों को समाप्त करना और स्थानीय संस्कृति को प्रोत्साहित करना है।
सरकार ने यह स्पष्ट किया है कि मराठी न जानने पर किसी चालक का लाइसेंस रद्द नहीं किया जाएगा, बल्कि उन्हें विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह प्रशिक्षण कोंकण मराठी साहित्य परिषद के सहयोग से आयोजित किया जाएगा। प्रशिक्षण को पूरा करने के बाद, चालकों को प्रमाण पत्र प्राप्त होगा, जो लाइसेंस नवीनीकरण के लिए आवश्यक होगा। इसके अलावा, राज्य के सभी क्षेत्रीय परिवहन कार्यालयों में इस प्रशिक्षण के लिए एक सौ दिन का विशेष अभियान चलाया जाएगा।









