इंदौर, 25 मार्च 2026।
मध्य प्रदेश के इंदौर में मानवता का एक अद्वितीय उदाहरण देखने को मिला, जहां ब्रेन हेमरेज से ब्रेन डेड घोषित किए गए युवक के अंगदान से तीन मरीजों को जीवनदान मिला। मंगलवार को शहर में 67वां ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया।
शुजालपुर निवासी 34 वर्षीय अनुपम नालमे के परिवार ने उनके ब्रेन डेड होने के बाद अंगदान का निर्णय लिया। इस प्रक्रिया के तहत उनकी लिवर और दोनों किडनियों का प्रत्यारोपण तीन जरूरतमंद मरीजों को किया गया। दो महिलाओं और एक पुरुष को नई जिंदगी मिली।
मुस्कान संस्था की जानकारी के अनुसार, एक किडनी और लिवर सीएचएल हॉस्पिटल में उपचाराधीन दो महिला मरीजों को प्रत्यारोपित किए गए। दूसरी किडनी शैल्बी हॉस्पिटल में भर्ती 39 वर्षीय पुरुष मरीज को दी गई।
अनुपम नालमे को 20 मार्च को घर पर गंभीर ब्रेन हेमरेज हुआ था। उन्हें पहले वी-वन हॉस्पिटल और फिर 22 मार्च को सीएचएल केयर हॉस्पिटल में भर्ती किया गया, जहां दो बार जांच के बाद ब्रेन डेड घोषित किया गया। मुस्कान समूह के सेवादारों ने परिवार से काउंसलिंग की और अंगदान की सहमति प्राप्त की।
मंगलवार दोपहर लिवर और एक किडनी 44 और 34 वर्षीय महिलाओं को प्रत्यारोपित किए गए। दूसरी किडनी ग्रीन कॉरिडोर के माध्यम से शैल्बी हॉस्पिटल पहुंचाई गई, जहां 39 वर्षीय पुरुष को प्रत्यारोपित किया गया।
परिवार की इच्छा पर अन्य अंगों जैसे हाथ, पैंक्रियाज, बोन, हार्ट वाल्व और छोटी आंत के लिए SOTO और NOTO ने राष्ट्रीय स्तर पर अलर्ट जारी किया। हालांकि तकनीकी कारणों और तत्काल आवश्यकता न होने के कारण उनका प्रत्यारोपण नहीं हो सका। अनुपम की त्वचा भी दान की गई, जिसका उपयोग अन्य मरीजों के उपचार में होगा।
परिवार ने बताया कि अनुपम सिविल इंजीनियर थे और सामाजिक कार्यों में सक्रिय रहते थे। वह हमेशा जरूरतमंदों की मदद के लिए आगे रहते थे। अंगदान प्रक्रिया पूरी होने के बाद उन्हें शहीदों के समान सम्मान देते हुए गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इस अवसर पर परिजन और अस्पताल स्टाफ मौजूद रहे।
मुस्कान संस्था के काउंसलर संदीपन आर्य ने बताया कि परिवार ने संभावित अंगदान के लिए संस्था से संपर्क किया था। सकारात्मक काउंसलिंग और परिवार की इच्छा से अंगदान की आधिकारिक मंजूरी मिली। इस कार्य में दिवंगत के पिता जगदीश, बुआ डॉ. वर्षा और भाइयों अनुराग व जुबीन नालमे का विशेष योगदान रहा।
अंगदान के बाद जब अनुपम का शव उनके गृह नगर पहुंचा, तो लोगों ने शवयात्रा पर पुष्पवर्षा की और हजारों लोगों ने तालियों से उनके निर्णय का सम्मान किया। प्रशासन ने भी गार्ड ऑफ ऑनर प्रदान किया।












