नई दिल्ली, 25 मार्च 2026।
राज्यसभा में बुधवार को पूर्व सांसद दत्ता मेघे के निधन पर सदन ने गहरा शोक व्यक्त किया और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
सभापति सीपी राधाकृष्णन ने शोक प्रस्ताव पेश करते हुए बताया कि दत्ता मेघे का 22 मार्च को 89 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उन्होंने अप्रैल 2002 से अप्रैल 2008 तक राज्यसभा सदस्य के रूप में सेवा दी। उनका जन्म 11 नवंबर 1936 को महाराष्ट्र के वर्धा जिले के पौनार में हुआ था।
दत्ता मेघे ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत महाराष्ट्र विधानसभा से की और तीन कार्यकाल तक विधायक रहे। इसके अलावा वे महाराष्ट्र सरकार में मंत्री रहे और चार बार लोकसभा के सदस्य भी चुने गए।
सभापति ने बताया कि दत्ता मेघे ने शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में विशेष योगदान दिया। उन्होंने वंचित वर्गों के लिए कई शैक्षणिक और चिकित्सा संस्थान स्थापित किए और इन क्षेत्रों में सेवा की।
सभापति ने उनके निधन को देश के लिए अपूरणीय क्षति बताया और कहा कि राष्ट्र ने एक सक्षम सांसद, अनुभवी विधायक और समर्पित समाजसेवी खो दिया है। इसके बाद सदस्यों ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।











