नई दिल्ली, 20 मार्च।
टोल मैनेजमेंट और मैनपावर सर्विस प्रदाता कंपनी इनोविजन के आईपीओ की लिस्टिंग में फिर देरी हुई है। पहले इस पब्लिक इश्यू की लिस्टिंग 17 मार्च के लिए निर्धारित थी, जिसे 20 मार्च तक बढ़ा दिया गया था। अब कंपनी के शेयर 23 मार्च को बीएसई और एनएसई पर सूचीबद्ध हो सकते हैं।
इनविजन का आईपीओ 10 मार्च को सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। प्रारंभ में क्लोजिंग की तारीख 12 मार्च और लिस्टिंग 17 मार्च तय की गई थी। सब्सक्रिप्शन की धीमी प्रतिक्रिया के कारण क्लोजिंग को 17 मार्च और लिस्टिंग को 20 मार्च तक बढ़ाया गया। निवेशकों को आकर्षित करने के लिए प्राइस बैंड को 521-548 रुपये से घटाकर 494-519 रुपये प्रति शेयर कर दिया गया।
इस बदलाव के बावजूद आईपीओ को औसत प्रतिक्रिया ही मिली। 17 मार्च तक आईपीओ केवल 3.46 गुना सब्सक्राइब हो सका। रिटेल निवेशकों के लिए आरक्षित हिस्से में केवल 60 प्रतिशत ही सब्सक्रिप्शन प्राप्त हुआ। कुल 61,51,295 शेयर जारी किए जा रहे हैं, जिनमें 49,13,295 नए शेयर 255 करोड़ रुपये मूल्य के और 12,38,000 शेयर 64 करोड़ रुपये मूल्य के ऑफर फॉर सेल के रूप में बेचे जा रहे हैं।
कंपनी की वित्तीय स्थिति मजबूत रही है। वित्त वर्ष 2022-23 में शुद्ध लाभ 8.88 करोड़ रुपये था, जो 2023-24 में बढ़कर 10.27 करोड़ और 2024-25 में 29.02 करोड़ रुपये हो गया। चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में अप्रैल से सितंबर 2025 तक शुद्ध लाभ 20 करोड़ रुपये रहा।
राजस्व में भी निरंतर वृद्धि दर्ज की गई। 2022-23 में कुल राजस्व 257.62 करोड़ रुपये था, 2023-24 में 512.13 करोड़ और 2024-25 में 895.95 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में 483.10 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ।
कर्ज का स्तर लगातार बढ़ता गया। 2022-23 में 33.34 करोड़, 2023-24 में 48.15 करोड़ और 2024-25 में 79.05 करोड़ रुपये रहा। अप्रैल से सितंबर 2025 तक कर्ज 112.39 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।
रिजर्व और सरप्लस में उतार-चढ़ाव हुआ। 2022-23 में 38.91 करोड़, 2023-24 में 33.45 करोड़ और 2024-25 में 62.98 करोड़ रुपये रहा। चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में ये 83.43 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।
ईबीआईटीडीए 2022-23 में 16.36 करोड़, 2023-24 में 19.66 करोड़ और 2024-25 में 51.75 करोड़ रुपये रहा। चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में यह 30.42 करोड़ रुपये के स्तर पर रहा।












