नई दिल्ली, 02 अप्रैल 2026।
केंद्रीय बजट 2026-27 के तहत घोषित योजना के अनुसार देश के 15 हजार माध्यमिक विद्यालयों और 500 महाविद्यालयों में एवीजीसी कंटेंट क्रिएटर लैब्स स्थापित करने का प्रस्ताव रखा गया है। इस पहल के लिए 250 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
इस संबंध में सूचना एवं प्रसारण राज्य मंत्री डॉ. एल. मुरुगन ने गुरुवार को संसद में जानकारी देते हुए बताया कि सरकार मीडिया और मनोरंजन क्षेत्र के विस्तार पर विशेष ध्यान दे रही है, जिसमें एनिमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग और कॉमिक्स जैसे क्षेत्र भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि भारत को कंटेंट निर्माण का वैश्विक केंद्र बनाने और देश की ऑरेंज अर्थव्यवस्था को सशक्त करने के उद्देश्य से विभिन्न पहलें शुरू की गई हैं।
एवीजीसी-एक्सआर सेक्टर के लिए राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र के रूप में भारतीय रचनात्मक प्रौद्योगिकी संस्थान जुलाई 2025 से मुंबई स्थित परिसर से संचालित हो रहा है। वर्तमान में यहां 18 पाठ्यक्रम शुरू किए जा चुके हैं, जिनमें 136 विद्यार्थी नामांकित हैं, जबकि 15 प्रतिभागियों ने प्रशिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम पूरा किया है। संस्थान को कंटेंट क्रिएटर लैब्स की योजना, समन्वय और चरणबद्ध क्रियान्वयन के लिए नोडल एजेंसी बनाया गया है और इस संबंध में हितधारकों के साथ चर्चा जारी है।
वर्ल्ड ऑडियो विजुअल और मनोरंजन शिखर सम्मेलन के तहत प्रारंभ किया गया वेवएक्स स्टार्टअप एक्सेलेरेटर कार्यक्रम मीडिया-टेक स्टार्टअप्स को संरचित इनक्यूबेशन, मार्गदर्शन और वैश्विक नेटवर्क तक पहुंच प्रदान कर रहा है। पहले बैच के स्टार्टअप्स को विशेषज्ञों से मार्गदर्शन, निवेशकों से संपर्क और बौद्धिक संपदा के विकास एवं संरक्षण के अवसर उपलब्ध कराए गए हैं। साथ ही उन्हें अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भागीदारी और वैश्विक बाजार से जुड़ने की सुविधा भी दी जा रही है।
क्रिएट इन इंडिया चैलेंज को भी रचनात्मक प्रतिभाओं की पहचान और प्रोत्साहन के लिए राष्ट्रीय मंच के रूप में उपयोग किया जा रहा है। इसके पहले संस्करण में 33 चुनौतियों का आयोजन किया गया, जिसमें देश के विभिन्न हिस्सों से एक लाख से अधिक रचनाकारों ने भागीदारी की। चयनित प्रतिभाओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपने कार्य प्रस्तुत करने के अवसर दिए जा रहे हैं।
इसी क्रम में मुंबई में आयोजित विश्व ऑडियो विजुअल और मनोरंजन शिखर सम्मेलन 2025 ने भारतीय रचनाकारों, निर्माताओं और स्टार्टअप्स को वैश्विक खरीदारों, निवेशकों और तकनीकी विशेषज्ञों से जोड़ने का मंच प्रदान किया। इस पहल के माध्यम से भारत को वैश्विक कंटेंट निर्माण केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास किए जा रहे हैं।











