तेहरान/वाशिंगटन, 06 अप्रैल।
अमेरिका और इजराइल द्वारा 28 फरवरी से ईरान के खिलाफ चलाए गए संयुक्त सैन्य अभियान ने पूरे पश्चिम एशिया में गंभीर संकट पैदा कर दिया है। वाशिंगटन द्वारा ईरान को होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने की दी गई मंगलवार की समय सीमा को ठुकराने के बाद अमेरिका-इजराइल ने ईरान पर तेजी से हमला किया, जिसमें 34 लोगों की जान गई।
ईरान ने इसका जवाब देते हुए इजराइल और उसके खाड़ी पड़ोसी देशों पर मिसाइलें दागीं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पहले ही कह चुके थे कि यदि ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ नहीं खोला, तो उसके बिजली संयंत्रों को निशाना बनाया जाएगा। ईरान ने ट्रंप की चेतावनी को नकारते हुए कहा कि वह अमेरिका और इजराइल को कड़ा जवाब देने के लिए तैयार है।
तेहरान में रातभर धमाकों की आवाजें गूंजती रहीं और राजधानी पर लगातार हमलों के दौरान घंटों तक नीचे उड़ते लड़ाकू विमानों की गर्जना सुनाई दी। एक हवाई हमले में आजादी चौक के पास स्थित शरीफ यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी का परिसर निशाने पर रहा।
हाइफा में ईरानी मिसाइल हमले से एक रिहायशी इमारत क्षतिग्रस्त हुई, जिसमें दो लोगों की मौत हुई और दो अभी लापता हैं। सोमवार तड़के उत्तरी इजराइल के इस शहर पर ईरानी मिसाइलों की एक और बौछार हुई।
कुवैत और संयुक्त अरब अमीरात ने ईरानी मिसाइलों और ड्रोन को रोकने के लिए अपने हवाई सुरक्षा तंत्र को सक्रिय कर दिया। इसके बावजूद ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य पर अपनी पकड़ कम करने का कोई संकेत नहीं दिया। युद्ध शुरू होने से पहले यह मार्ग पूरी तरह खुला था।
खाड़ी क्षेत्र में ईरान के हमले जारी रहे। कुवैत में बिजली, पानी और तेल संयंत्रों पर हमले किए गए। बहरीन में एक तेल सुविधा को निशाना बनाया गया। इराक के सुलेमानिया में ड्रोन हमले हुए और उत्तरी इराक के कुर्द क्षेत्र में ईरानी विरोधी हथियारबंद गुटों के ठिकानों पर भी हमले किए गए।
दक्षिणी इजराइल के बीरशेबा में मिसाइलों से सायरन बज उठे। यूएई की टेलीकॉम कंपनी डीयू पर ड्रोन हमला हुआ, जिसमें कोई घायल नहीं हुआ। सऊदी अरब ने दो ड्रोन नष्ट किए, जबकि इजराइल ने दक्षिणी लेबनान के कफर रुम्मान में बमबारी की, जिसमें चार लोग मारे गए।
ईरान में जनवरी में हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान सैन्य क्षेत्र में घुसने के आरोप में एक व्यक्ति को फांसी दी गई। इससे जुड़े दो अन्य लोगों को एक दिन पहले फांसी दी गई थी। इस हिंसक संघर्ष के दौरान हजारों लोग मारे गए।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने चेतावनी दी कि यदि ईरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ नहीं खोलेगा, तो मंगलवार को उसके पुल और बिजली संयंत्रों को निशाना बनाया जाएगा। पेंटागन के अनुसार, अमेरिकी अभियानों के दौरान 365 सैनिक घायल हुए हैं।
अमेरिका-इजराइल के हमलों में तेहरान की शरीफ यूनिवर्सिटी का बड़ा हिस्सा नष्ट हुआ। साथ ही अस्पताल, स्कूल और तेल-स्टील संयंत्रों को क्षति पहुंची। करज, शिराज, इस्फ़हान और बुशेहर समेत कई शहरों में हमले जारी हैं। बंदर-ए-लंगेह में छह, क़ोम में पांच और तेहरान के दक्षिणी बाहरी इलाके बहरेस्तान में कम से कम 13 लोगों की मौत हुई। रातभर अमेरिका-इजराइल के हमलों में कुल 34 लोगों की जान गई।


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