नई दिल्ली, 21 अप्रैल।
भारतीय जनता पार्टी ने दिल्ली उच्च न्यायालय के हालिया फैसले का समर्थन करते हुए आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल पर दबाव की राजनीति अपनाने का आरोप लगाया है।
भाजपा सांसद बांसुरी स्वराज ने मंगलवार को पार्टी मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में कहा कि उच्च न्यायालय ने सोमवार को दिए अपने आदेश में जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा के समक्ष प्रस्तुत याचिकाओं पर स्पष्ट टिप्पणी करते हुए न्यायिक स्वतंत्रता को मजबूत आधार दिया है, जिसका पार्टी स्वागत करती है।
उन्होंने कहा कि यह स्पष्ट हो गया है कि आम आदमी पार्टी एक नाटक मंच की तरह काम कर रही है और उसके संचालन की भूमिका अरविंद केजरीवाल निभा रहे हैं। उनके अनुसार, केजरीवाल यह समझने में विफल रहे कि देश की न्याय व्यवस्था किसी के दबाव या सुविधा से नहीं बल्कि संविधान और कानून के अनुसार कार्य करती है।
स्वराज ने आगे कहा कि 9 मार्च के आदेश के बाद 11 मार्च को केजरीवाल ने उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के समक्ष याचिका दायर कर जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा की पीठ से मामला हटाने की मांग की थी, जिसे खारिज कर दिया गया। इसके बाद 13 मार्च को उन्होंने स्वयं ही न्यायाधीश से मामले से अलग होने का अनुरोध किया, जिसके बाद न्यायपालिका को प्रभावित करने की कोशिशों को लेकर प्रश्न उठने लगे।
भाजपा सांसद ने आरोप लगाया कि इसके बाद आम आदमी पार्टी ने एक सुनियोजित अभियान के तहत न्यायाधीश के विरुद्ध मीडिया और सोशल मीडिया पर नकारात्मक प्रचार किया तथा उनके परिवार को भी निशाना बनाया, जो एक गंभीर षड्यंत्र का हिस्सा था।
उन्होंने कहा कि केजरीवाल इस समय भय की स्थिति में हैं। उल्लेखनीय है कि उच्च न्यायालय ने आबकारी घोटाला मामले से संबंधित याचिकाओं को खारिज करते हुए यह स्पष्ट किया था कि किसी न्यायाधीश के पारिवारिक संबंधों या गतिविधियों के आधार पर पूर्वाग्रह का अनुमान नहीं लगाया जा सकता और न्यायिक निष्पक्षता पर प्रश्न नहीं उठाया जा सकता।








