कोरबा, 27 मार्च 2026।
कोरबा जिले के कटघोरा वनमंडल में केंदई वन परिक्षेत्र के मोरगा-सरईगोट इलाके में बिजली तार के संपर्क में आने से एक मादा भालू और उसके दो शावकों की मौत हो गई, जिससे वन विभाग में हड़कंप मच गया और विद्युत विभाग की लापरवाही पर सवाल उठने लगे हैं।
ग्रामीणों ने जंगल में मृत भालू परिवार देखा और तुरंत वन विभाग को सूचित किया। मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम ने मृतक मादा भालू और उसके दो शावकों की पहचान की और प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ कि यह तीनों एक ही परिवार के सदस्य थे और विद्युत लाइन के संपर्क में आने से उनकी मृत्यु हुई।
कटघोरा वनमंडल के डीएफओ कुमार निशांत ने बताया कि यह मामला वन्य प्राणियों के जीवन से जुड़ा होने के कारण गंभीरता से लिया गया है। जांच में यह भी सामने आया कि विद्युत पारेषण कंपनी लिमिटेड द्वारा बिछाई गई लाइन के बारे में वन विभाग को पूर्व सूचना नहीं दी गई थी।
वन विभाग ने विद्युत पारेषण कंपनी की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराते हुए छत्तीसगढ़ वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। क्षेत्र की जिम्मेदारी संभाल रहे सीएसईबी के एक लाइनमैन को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
अधिकारियों की मौजूदगी में मृत भालुओं का अंतिम संस्कार कर दिया गया। उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी कोरबा जिले के करतला क्षेत्र में करंट से एक हाथी की मौत हो चुकी है, बावजूद इसके विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं।











