काठमांडू, 08 अप्रैल 2026।
नेपाल सरकार ने ग्रेटर लुम्बिनी परियोजना के लिए विश्व बैंक से 85 मिलियन अमेरिकी डॉलर के रियायती ऋण को मंजूरी दे दी है। संघीय मामलों और सामान्य प्रशासन मंत्री प्रतिभा रावल ने मंगलवार को मंत्रिपरिषद की बैठक में लिए गए निर्णय की जानकारी दी और कहा कि अब परियोजना के कार्य में तेजी आएगी।
यह परियोजना मुख्य रूप से बुद्ध की जन्मस्थली लुम्बिनी को केंद्र में रखकर कपिलवस्तु, रूपन्देही और पश्चिम नवलपरासी जिलों के विकास के उद्देश्य से तैयार की गई है। ऋण के प्रस्ताव के लिए पूर्व वित्त मंत्री विष्णु पौडेल ने पिछले वर्ष विश्व बैंक के समक्ष लगभग 12.5 अरब रुपये के अनुरूप आवेदन प्रस्तुत किया था।
परियोजना कार्यान्वयन के लिए जल्द ही समझौता किया जाएगा और इसके बाद यह राशि बुद्ध से संबंधित क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे और पर्यटन सुविधाओं के विकास में खर्च की जाएगी। लुम्बिनी विकास कोष के अनुसार, परियोजना के तहत इन जिलों में पर्यटकों के लिए विभिन्न बुनियादी सुविधाओं का निर्माण किया जाएगा।
परियोजना के कार्यान्वयन में शहरी विकास मंत्रालय और पर्यटन मंत्रालय मुख्य भूमिका निभाएंगे। इसमें लुम्बिनी सांस्कृतिक नगरपालिका, देवदह, रामग्राम और कपिलवस्तु नगरपालिकाओं के साथ पुरातत्व विभाग, लुम्बिनी विकास कोष और नेपाल पर्यटन बोर्ड भी सहयोग करेंगे।
इस योजना के अंतर्गत सड़कों, नालियों, बस पार्क, विद्युत व्यवस्था, ध्यान केंद्र, विश्राम स्थल, कैफे, सूचना केंद्र और स्थानीय उत्पादों के विक्रय केंद्र जैसी संरचनाएं विकसित की जाएंगी। लुम्बिनी यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल है और यहां मायादेवी मंदिर, बुद्ध जन्मस्थल, पवित्र पुष्करिणी पोखरी और अशोक स्तंभ जैसे महत्वपूर्ण स्थल स्थित हैं। देवदह में भी कई ऐतिहासिक और पुरातात्विक स्थल मौजूद हैं।
कपिलवस्तु का तिलौराकोट प्राचीन शाक्य राज्य की राजधानी था, जहां राजकुमार सिद्धार्थ ने बाल्यकाल बिताया। पश्चिम नवलपरासी का रामग्राम स्तूप बुद्ध के मूल अवशेष सुरक्षित करने वाला एकमात्र स्तूप माना जाता है, जिसके लिए विस्तृत योजना तैयार की जा चुकी है। परियोजना के पहले चरण में इन्हीं प्रमुख बौद्ध स्थलों पर कार्य शुरू होगा।
पहले चरण के लिए बुद्ध सर्किट में शामिल चारों नगरपालिकाओं ने विश्व बैंक को प्रति नगरपालिक आठ मिलियन अमेरिकी डॉलर का बजट सुनिश्चित करने हेतु संयुक्त ज्ञापन भी सौंपा था। परियोजना का उद्देश्य निवेश के स्रोतों की पहचान, नए पर्यटन स्थलों का विकास और प्रचार-प्रसार करना है।
विशेषज्ञों के विचार और विश्व बैंक के सहयोग से यह योजना तैयार की गई है। इसके माध्यम से लुम्बिनी को धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। परियोजना से क्षेत्रीय बुनियादी ढांचे का विकास, आर्थिक गतिविधियों का विस्तार, रोजगार सृजन और सतत शहरी विकास को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही धरोहर संरक्षण, सुशासन और स्थानीय समुदाय की आजीविका पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।
पूर्व मंत्री विष्णु पौडेल के अनुसार, बहु-क्षेत्रीय सहयोग और अंतरराष्ट्रीय साझेदारी के जरिए लुम्बिनी को एक मॉडल क्षेत्र के रूप में विकसित किया जाएगा। परियोजना का लक्ष्य पर्यटकीय ढांचे को मजबूत करना, सांस्कृतिक धरोहरों का संरक्षण करना और धार्मिक सहिष्णुता व सांस्कृतिक विविधता के आधार पर लुम्बिनी को विश्व शांति और सतत पर्यटन का प्रमुख केंद्र बनाना है।




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