भोपाल, 26 अक्टूबर।
मध्य प्रदेश से राज्यसभा की एक रिक्त सीट पर उपचुनाव के लिए सोमवार को अधिसूचना जारी कर दी गई। इसके साथ ही नामांकन प्रक्रिया शुरू हो गई है। उम्मीदवार 2 नवंबर तक पर्चे दाखिल कर सकेंगे। पहले दिन किसी भी प्रत्याशी ने नामांकन जमा नहीं किया।
यह सीट पूर्व केंद्रीय मंत्री एल. मुरुगन के इस्तीफे के बाद खाली हुई है। वे अप्रैल 2024 में मध्य प्रदेश से राज्यसभा सदस्य निर्वाचित हुए थे और उनका कार्यकाल अप्रैल 2030 तक था। हालांकि, 14 अक्टूबर 2026 को उन्होंने केंद्रीय मंत्रिमंडल और राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद निर्वाचन आयोग ने उपचुनाव का कार्यक्रम घोषित किया।
12 नवंबर को मतदान, 3 नवंबर को होगी जांच
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, नामांकन पत्र 26 अक्टूबर से 2 नवंबर तक मध्य प्रदेश विधानसभा भवन स्थित निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय में सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक जमा किए जा सकेंगे। सार्वजनिक अवकाश के दिन नामांकन स्वीकार नहीं किए जाएंगे।
नामांकन पत्रों की जांच 3 नवंबर को दोपहर 2 बजे होगी। प्रत्याशी 5 नवंबर को दोपहर 3 बजे तक अपने नाम वापस ले सकेंगे। यदि मतदान की आवश्यकता हुई तो 12 नवंबर को सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक वोट डाले जाएंगे। इसके बाद मतगणना की जाएगी।
उपचुनाव के लिए विधानसभा के अपर सचिव उमेश शर्मा को निर्वाचन अधिकारी और अपर सचिव मयंक वर्मा को सहायक निर्वाचन अधिकारी नियुक्त किया गया है। विधानसभा भवन के समिति कक्ष क्रमांक-2 (एम-02) में निर्वाचन कार्यालय बनाया गया है।
भाजपा चार-पांच नामों का पैनल केंद्र को भेजेगी
राज्यसभा की इस सीट के लिए भाजपा मध्य प्रदेश के बाहर के किसी नेता को भी उम्मीदवार बना सकती है। पार्टी संभावित प्रत्याशियों के चार-पांच नामों का पैनल तैयार कर केंद्रीय नेतृत्व को भेजेगी।
इस संबंध में सोमवार को मुख्यमंत्री निवास पर भाजपा की कोर ग्रुप की बैठक हुई। बैठक में राज्यसभा उपचुनाव के लिए संभावित नामों पर चर्चा की गई और नामों का पैनल केंद्रीय नेतृत्व को भेजने पर सहमति बनी।
बैठक में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिवप्रकाश और आंध्र प्रदेश के प्रभारी अरविंद सिंह भदौरिया मौजूद नहीं थे। अन्य नेताओं ने उपचुनाव को लेकर विचार-विमर्श किया।














