मुंबई, 30 मार्च।
मध्य प्रदेश सरकार ने विकलांग लोगों के अधिकारों को सुनिश्चित करने के लिए एक बड़ा निर्णय लिया है, जिसके तहत अब राज्य में सभी 21 कैटेगरी के दिव्यांग नागरिक विभिन्न सरकारी योजनाओं, छूट, अनुदान और सुविधाओं का लाभ उठा सकेंगे। यह जानकारी दिव्यांग सशक्तिकरण विभाग के सचिव तुकाराम मुंढे ने दी।
पहले 1995 के एक्ट के तहत केवल सात कैटेगरी के दिव्यांग लाभार्थी ही इन सुविधाओं का लाभ ले पा रहे थे, जबकि कई सरकारी कार्यालय अब भी पुराने नियमों के अनुसार ही लाभ दे रहे थे। इसके कारण नई शामिल कैटेगरी के दिव्यांगों को कठिनाई का सामना करना पड़ रहा था। इसको ध्यान में रखते हुए सरकार ने अब एक समान और स्पष्ट नीति तैयार की है।
नए फ़ैसले में ऑर्थोपेडिक डिफ़ॉर्मिटी, अंधापन, बहरापन, ऑटिज़्म, मानसिक बीमारी, मल्टीपल स्क्लेरोसिस, पार्किंसंस, थैलेसीमिया, सिकल सेल जैसी सभी 21 प्रकार की विकलांगता शामिल हैं। अब सभी कैटेगरी के दिव्यांगों को समान रूप से राज्य की योजनाओं और सुविधाओं का लाभ मिलेगा।
विकलांगों के लिए यह लाभ पाने के लिए आवश्यक है कि उनके पास कम से कम 40 प्रतिशत विकलांगता वाला वैध UDID कार्ड हो। केवल स्थायी प्रमाणपत्र धारकों को ही यह सुविधा प्रदान की जाएगी। हाउसिंग, स्कॉलरशिप, स्व-रोज़गार, विवाह योजना और सामग्री सहायता जैसी विभिन्न योजनाओं का लाभ अब व्यापक स्तर पर उपलब्ध होगा।
इस निर्णय से दिव्यांगों के जीवन में सरलता और न्याय सुनिश्चित होगा तथा उनके लिए सरकारी योजनाओं तक पहुँच और पारदर्शिता बढ़ेगी। यह कदम समाज में दिव्यांगों के अधिकारों के प्रति संवेदनशीलता और उनकी सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा।










