नई दिल्ली, 20 मार्च।
भारी उद्योग मंत्रालय ने घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देने और रणनीतिक महत्व के सिंटर्ड रेयर अर्थ परमानेंट मैग्नेट (आरईपीएम) निर्माण को सशक्त बनाने के लिए वैश्विक बोलियां आमंत्रित की हैं। इसके तहत देश में 6,000 मीट्रिक टन प्रति वर्ष क्षमता वाली एनडीएफईबी आधारित एकीकृत आरईपीएम विनिर्माण इकाइयां स्थापित की जाएंगी।
मंत्रालय ने इस प्रक्रिया के लिए 'प्रस्ताव के लिए अनुरोध' (आरएफपी) जारी किया है। निविदा प्रक्रिया ऑनलाइन दो चरणों में संचालित होगी और इसमें न्यूनतम लागत प्रणाली (एलसीएस) के तहत पारदर्शिता सुनिश्चित की जाएगी। तकनीकी और वित्तीय बोलियों का संचालन केंद्रीय सार्वजनिक खरीद (सीपीपी) पोर्टल के माध्यम से किया जाएगा। निविदा दस्तावेज आज से उपलब्ध हैं और अंतिम तारीख 28 मई निर्धारित की गई है। तकनीकी बोलियां 29 मई को खोली जाएंगी।
इस निविदा के माध्यम से इच्छुक कंपनियां देश में एकीकृत सिंटर्ड एनडीएफईबी आरईपीएम संयंत्र स्थापित करने के लिए आवेदन कर सकती हैं। मंत्रालय ने कहा कि प्रक्रिया पूरी तरह से ऑनलाइन होगी और इसके तहत दो चरणों—तकनीकी बोली और वित्तीय बोली—का पालन किया जाएगा।
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में 26 नवंबर, 2025 को 7,280 करोड़ रुपये के वित्तीय परिव्यय के साथ इस योजना को मंजूरी दी थी। इसका उद्देश्य रणनीतिक और उच्च तकनीक वाले आरईपीएम निर्माण को बढ़ावा देना और घरेलू उत्पादन को मजबूत करना है।












