नई दिल्ली, 02 अप्रैल।
केरल विधानसभा चुनाव को लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भाजपा के बूथ कार्यकर्ताओं के साथ वर्चुअल संवाद में विस्तृत रणनीति और महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश साझा किए हैं। ‘मेरा बूथ सबसे मजबूत संवाद–केरलम’ कार्यक्रम में उन्होंने कार्यकर्ताओं को बूथ स्तर पर संपर्क, मेहनत और सशक्त संदेश के माध्यम से मतदाताओं तक पहुंचने का महत्व बताया और कहा कि बूथ मजबूत होगा तो जीत पक्की होगी।
प्रधानमंत्री ने केरल की वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों पर चर्चा करते हुए कहा कि राज्य में जनता परिवर्तन की ओर अग्रसर है और इस बार केवल नई सरकार ही नहीं बल्कि नई व्यवस्था की मांग है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आग्रह किया कि वे अपने-अपने बूथ को मजबूत बनाकर हर परिवार तक व्यक्तिगत रूप से पहुंचें और भाजपा के कार्यक्रमों एवं योजनाओं को सही आंकड़ों और तथ्यों के साथ प्रस्तुत करें।
मोदी ने तिरुवनंतपुरम की कार्यकर्ता अनीता और वायनाड की विनीता के साथ संवाद में कहा कि लोगों के बीच “मोदी मॉडल” की सरकार की मांग है और उन्हें राज्य को वर्तमान चुनौतियों से बाहर निकालने के लिए मजबूत नेतृत्व चाहिए। उन्होंने पूर्व सैनिकों की समस्याओं और युवाओं के रोजगार पर भी चर्चा की और कहा कि भाजपा उद्योग, इंफ्रास्ट्रक्चर और स्टार्टअप्स को बढ़ावा देकर युवाओं को अवसर देगी।
प्रधानमंत्री ने कांग्रेस और वाम दलों पर भ्रष्टाचार और समाज में विभाजन फैलाने का आरोप लगाया। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि घर-घर जाकर इन मुद्दों को लोगों तक पहुंचाएं और भाजपा के विकासात्मक कार्यक्रमों के प्रभाव को स्पष्ट रूप से बताएं। उन्होंने युवाओं को रोजगार और कौशल विकास के अवसर उपलब्ध कराने पर जोर दिया।
मोदी ने प्रत्येक कार्यकर्ता को निर्देश दिया कि चुनाव से पहले हर परिवार से कम से कम तीन बार संपर्क करें, व्यक्तिगत संवाद करें और प्रचार में परिवार को भी शामिल करें। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि आखिरी दिनों में ऊर्जा, फोकस और आत्मविश्वास चरम पर होना चाहिए और वोटिंग तक सक्रियता लगातार बढ़ती रहे।
प्रधानमंत्री ने केरल में “डबल इंजन सरकार” की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि राज्य और केंद्र दोनों स्तर पर विकास को गति देने के लिए भाजपा को सत्ता में आना जरूरी है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे राज्य से बाहर रह रहे मतदाताओं से संपर्क करें और उन्हें मतदान के लिए प्रेरित करें।
मोदी ने भरोसा जताया कि यदि कार्यकर्ता इन सभी निर्देशों का पालन पूरी निष्ठा से करेंगे, तो केरल में भाजपा-एनडीए के लिए ऐतिहासिक परिणाम संभव हैं और हर बूथ जीतकर ही राज्य में बदलाव लाया जा सकता है।












