सिलीगुड़ी, 30 मार्च।
दार्जिलिंग जिले के नक्सलबाड़ी ब्लॉक में सप्लीमेंट्री वोटर लिस्ट जारी होते ही डिलीट किए गए वोटरों की संख्या में तेज़ी देखी जा रही है, जिससे स्थानीय लोगों में नाराजगी और विरोध बढ़ गया है। हाथीघिसा इलाके के 25/62 सेबदुल्ला जोत प्राथमिक विद्यालय की इस लिस्ट में इस बार कुल 66 नाम हटाए गए हैं।
पहली पूर्ण वोटर लिस्ट में 28 फरवरी को 40 नाम पहले ही हटाए जा चुके थे और 111 नाम जांच के अधीन बताए गए थे। दूसरी सप्लीमेंट्री लिस्ट जारी होने के बाद फिर 66 और नाम हटाए जाने के साथ ही 11 नाम अभी भी जांच के अधीन हैं।
इस बार हटाए गए नामों में नक्सलबाड़ी पंचायत समिति के कर्माध्यक्ष आसर्फ अंसारी का नाम भी शामिल है। उन्होंने आरोप लगाया कि अल्पसंख्यक और दो आदिवासी समुदाय के मतदाताओं के नाम जानबूझकर सूची से हटाए गए हैं। आसर्फ अंसारी ने कहा कि उनका परिवार 2002 से वोटर लिस्ट में दर्ज है, उनके पिता का नाम भी शामिल था और उनके दादा ने 1951 में मतदान किया था, इसके बावजूद उनके नाम को हटाया गया।
उन्होंने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई चुनाव आयोग द्वारा बीजेपी को लाभ पहुँचाने के उद्देश्य से की जा रही है। अन्य प्रभावित मतदाताओं ने भी इसी तरह की शिकायत की है। नक्सलबाड़ी के लोग अब इस पूरे मामले पर चुनाव आयोग के खिलाफ विरोध और नाराजगी जता रहे हैं।












