कोलकाता, 27 मार्च।
विधानसभा चुनाव से ठीक पहले भारत निर्वाचन आयोग ने पश्चिम बंगाल में बड़ा प्रशासनिक बदलाव करते हुए 14 विधानसभा क्षेत्रों के रिटर्निंग ऑफिसरों (आरओ) को बदल दिया है। आयोग सूत्रों के अनुसार, राज्य के नौ जिलों में तैनात इन अधिकारियों को महज पांच दिन के भीतर उनके पद से हटाया गया, जबकि उन्हें पिछले सोमवार ही नियुक्त किया गया था।
आयोग की नई अधिसूचना के अनुसार, खाली हुए पदों में से नौ पर नए अधिकारियों की तैनाती की गई है। सबसे अधिक बदलाव पूर्व मिदनापुर जिले में देखने को मिला, जहां पांच विधानसभा क्षेत्रों के रिटर्निंग ऑफिसरों को बदल दिया गया। नंदीग्राम सीट के लिए 2009 बैच के पश्चिम बंगाल सिविल सेवा अधिकारी राजर्षि नाथ को नई जिम्मेदारी दी गई है। अधिसूचना में हर जिले और निर्वाचन क्षेत्र के अनुसार अधिकारियों के नाम, उनके पूर्व पद और नई जिम्मेदारी का विवरण शामिल है। सभी संबंधित अधिकारियों को शुक्रवार शाम पांच बजे तक कार्यभार संभालने का निर्देश दिया गया है।
सूत्रों के अनुसार, जिन विधानसभा क्षेत्रों में रिटर्निंग ऑफिसरों का बदलाव हुआ है, उनमें जलपाईगुड़ी, भरतपुर, बादुरिया, जगतबल्लभपुर, जादवपुर, मोयना, नंदकुमार, पुरशुरा, कांथी दक्षिण, एगरा, खड़गपुर, दासपुर, हल्दिया और सोनामुखी शामिल हैं। इसके अलावा हरिहरपाड़ा, करीमपुर, फांसीदेवा, नंदीग्राम, खानाकुल, केशियाड़ी, रायपुर-बिनपुर और बर्धमान दक्षिण सीटों पर भी नए रिटर्निंग ऑफिसरों की नियुक्ति की गई है।
पिछले सोमवार आयोग ने राज्य के 73 विधानसभा केंद्रों में रिटर्निंग ऑफिसरों की नियुक्ति की थी। भवानीपुर सीट के लिए उस समय नंदीग्राम के बीडीओ सुरजीत राय को रिटर्निंग ऑफिसर बनाया गया था, जिसे लेकर तृणमूल कांग्रेस ने आपत्ति जताई और आरोप लगाया कि सुरजीत राय शुभेंदु अधिकारी के प्रभाव में काम कर रहे हैं। 24 मार्च को पार्टी ने इस संबंध में आयोग को पत्र भी भेजा था।
इस विवाद के बीच आयोग ने राज्य के मुख्य सचिव से तीन अधिकारियों के नाम मांगे थे। हालांकि 14 सीटों पर नए रिटर्निंग ऑफिसरों की नियुक्ति के बावजूद मुख्यमंत्री के निर्वाचन क्षेत्र भवानीपुर के लिए अभी तक नया अधिकारी घोषित नहीं किया गया है।
चुनाव प्रक्रिया में रिटर्निंग ऑफिसरों की भूमिका अहम होती है। हर विधानसभा क्षेत्र में एक आरओ उम्मीदवारों के नामांकन स्वीकार करने से लेकर चुनाव प्रक्रिया के प्रारंभिक संचालन तक की जिम्मेदारी संभालता है।











