नई दिल्ली, 19 मई।
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र की यातायात व्यवस्था को सुधारने वाली एनएच-148एनए परियोजना का निरीक्षण किया। इस परियोजना में डीएनडी महारानी बाग से जैतपुर पुश्ता रोड और फरीदाबाद-बल्लभगढ़ बाईपास तक निर्माणाधीन छह लेन एक्सेस कंट्रोल्ड राजमार्ग शामिल हैं। इस अवसर पर दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, केंद्रीय राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा, सांसद अजय टम्टा, रामवीर सिंह बिधूड़ी और पूर्व सांसद रमेश बिधूड़ी भी मौजूद थे।
डीएनडी की ओर से बन रहे नौ किलोमीटर लंबे मार्ग में लगभग 7.50 किलोमीटर एलिवेटेड कॉरिडोर और 1.50 किलोमीटर सड़क सतह पर विकसित की गई है। केंद्रीय मंत्री ने फरीदाबाद को नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से जोड़ने वाली ग्रीनफील्ड द्रुतमार्ग परियोजना की प्रगति का भी अवलोकन किया। परियोजना की कुल लंबाई 59.063 किलोमीटर और अनुमानित लागत लगभग 4463 करोड़ रुपये है। यह मार्ग दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, फरीदाबाद, गुरुग्राम और सोहना को जोड़ते हुए दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे और आगामी जेवर हवाई अड्डा से संपर्क प्रदान करेगा।
निर्माण कार्य 11 जनवरी 2022 से चल रहा है और इसे सितंबर 2025 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। हालांकि आगरा नहर पर बनाए जा रहे स्टील नेटवर्क आर्च पुल में देरी के कारण परियोजना की समयसीमा प्रभावित हुई है। यह पुल 140 मीटर लंबा होगा और दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र का पहला आधुनिक इस्पात नेटवर्क आर्च पुल होगा। इसमें इस्पात मेहराब ढांचा, क्रॉस हैंगर केबल, टाई बीम और मिश्रित डेक पट्टिका जैसी तकनीकें शामिल हैं।
परियोजना में पूर्वनिर्मित खंडीय निर्माण तकनीक, प्रक्षेपण गर्डर, उच्च क्षमता वाले ई-450 इस्पात, ग्रेड-10.9 बोल्ट, उच्च अवमंदन रबर बेयरिंग और बहुदिशात्मक विस्तार जोड़ का उपयोग किया गया है। निर्माण स्थल पर वेल्डिंग और बोल्ट आधारित संयोजन प्रणाली अपनाई गई है, जिससे सुरक्षा और दीर्घकालिक मजबूती सुनिश्चित हो। परियोजना में पर्यावरण अनुकूल निर्माण, ध्वनि अवरोधक, हरित पट्टी और वृक्षारोपण कार्य भी शामिल हैं।
डीएनडी-फरीदाबाद बाईपास को जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से जोड़ने के लिए 31.425 किलोमीटर लंबा नियंत्रित प्रवेश राजमार्ग भी बन रहा है, जिसकी लागत लगभग 2360 करोड़ रुपये है। यह मार्ग दिल्ली-मुंबई और यमुना एक्सप्रेस-वे से जुड़कर दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में यातायात प्रवाह बेहतर करेगा और यात्रा समय में महत्वपूर्ण कमी लाएगा।






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