चेन्नई, 03 जुलाई।
तमिलनाडु सरकार अपने आगामी पूर्ण बजट की तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटी है। मुख्यमंत्री विजय की अगुवाई में शुक्रवार को लगातार दूसरे दिन विभिन्न विभागों के कामकाज की गहन समीक्षा की गई। नई सरकार का यह पहला बजट होने के कारण इसे राज्य के आगामी पांच वर्षों के विकास का ब्लूप्रिंट माना जा रहा है।
माना जा रहा है कि विधानसभा का सत्र जुलाई के अंत या अगस्त की शुरुआत में बुलाया जा सकता है, जिसमें वित्त वर्ष 2026-27 का बजट पेश होगा। सरकार इसे अपनी पार्टी के चुनावी घोषणा पत्र का मुख्य आधार बनाने की तैयारी में है।
इसमें महिलाओं को 2,500 रुपये की मासिक सहायता और साल में छह रसोई गैस सिलेंडर देने जैसे प्रमुख वादों को शामिल करने पर मंथन जारी है। सरकार इन लोककल्याणकारी योजनाओं के वित्तीय प्रभावों और सरकारी खजाने पर पड़ने वाले बोझ का बारीकी से आकलन कर रही है।
शुक्रवार की बैठक में मुख्यमंत्री ने ग्रामीण विकास और राजमार्ग विभाग के अधिकारियों के साथ चर्चा की। इसमें ग्रामीण सड़कों के जाल को बिछाने, पंचायत स्तर पर बुनियादी सुविधाओं, पेयजल आपूर्ति और स्वच्छता जैसे मुद्दों पर जोर दिया गया।
बैठक में राज्य में चल रही सड़क परियोजनाओं की प्रगति, नए पुलों के निर्माण और शहरी-ग्रामीण क्षेत्रों के बीच बेहतर कनेक्टिविटी विकसित करने के लिए बजट प्रावधानों पर भी चर्चा हुई। विभागवार समीक्षा का यह क्रम 22 जुलाई तक चलेगा।
इससे पहले गुरुवार को मुख्यमंत्री ने सहकारिता, खाद्य, राजस्व और आपदा प्रबंधन विभागों की समीक्षा की थी। इसमें सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस), खाद्यान्न सुरक्षा और आपदा प्रबंधन के लिए तैयारियों का ब्योरा लिया गया।
इस दौरान राजस्व मंत्री के.ए. सेंगोट्टैयन, वित्त मंत्री मरिया विल्सन, खाद्य मंत्री वेंकटरमणन और सहकारिता मंत्री गांधिराज समेत तमाम उच्चाधिकारी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री का मुख्य जोर जनकल्याणकारी योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने और अधूरी परियोजनाओं को जल्द पूरा करने पर है।



















