उज्जैन, 02 जुलाई।
श्री महाकालेश्वर मंदिर में विकसित एआई आधारित एकीकृत निगरानी प्रणाली "त्रिनेत्र" प्रोजेक्ट को राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस पुरस्कार 2026 के तहत गोल्ड पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान जयपुर स्थित राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित 29वें राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस सम्मेलन के दौरान प्रदान किया गया। इस उपलब्धि के साथ उज्जैन ने डिजिटल गवर्नेंस के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर अपनी मजबूत पहचान बनाई है।
एक और दो जुलाई को आयोजित इस सम्मेलन का शुभारंभ पहले दिन राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने किया। सम्मेलन की थीम "विकसित भारत 2047" के तहत एआई-सक्षम, डेटा आधारित और सुरक्षित डिजिटल गवर्नेंस पर केंद्रित रही। देशभर से पहुंचे जिला प्रशासन और राज्य सरकारों ने अपने-अपने ई-गवर्नेंस नवाचार प्रस्तुत किए। इसी क्रम में उज्जैन कलेक्टर रौशन कुमार सिंह ने त्रिनेत्र परियोजना का विस्तृत प्रस्तुतीकरण किया, जिसे विशेषज्ञों और प्रतिनिधियों ने सराहना दी।
सम्मेलन के समापन एवं पुरस्कार वितरण समारोह में केंद्रीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह तथा राजस्थान के सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ की उपस्थिति में उज्जैन कलेक्टर रौशन कुमार सिंह को स्वर्ण पुरस्कार प्रदान किया गया। इस अवसर पर श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति के प्रशासक प्रथम कौशिक, पलाश शर्मा, सचिन जैन और आईटी टीम भी मौजूद रही। कलेक्टर ने इस सम्मान को मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व, मार्गदर्शन और सभी संबंधित लोगों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम बताया।
सम्मेलन के दौरान उज्जैन के लिए एक और महत्वपूर्ण घोषणा भी की गई। डिजिटल इंडिया कॉर्पोरेशन ने बताया कि त्रिनेत्र मॉडल को देशभर में लागू करने के उद्देश्य से जल्द ही एक समझौता ज्ञापन किया जाएगा। इसके साथ ही उज्जैन में विकसित यह स्वदेशी एआई मॉडल भविष्य में देश के विभिन्न शहरों की सुरक्षा और स्मार्ट निगरानी व्यवस्था के लिए आधार बनेगा, जिसे मध्य प्रदेश के लिए भी बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।

















