लखनऊ, 24 मार्च।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को लोकभवन में आयोजित कार्यक्रम में निवेश मित्र-3 का शुभारंभ किया और राज्य में काम कर रहीं कंपनियों को दो हजार 781 करोड़ 12 लाख रुपये की सब्सिडी हस्तांतरित की। इस मौके पर उन्होंने उत्तर प्रदेश में निवेश के अनुकूल माहौल, सुरक्षा और जीरो टालरेंस नीति की उपलब्धियों का जिक्र किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले की सरकारों के समय उद्यमियों का भरोसा टूट गया था और कोई निवेश के लिए तैयार नहीं था, लेकिन वर्तमान सरकार की कोशिशों से अब लोग यूपी में निवेश के लिए उत्सुक हैं। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश भारत का फूड बास्केट है और फूड सेक्टर में अपार संभावनाएं मौजूद हैं। राज्य में 11 फीसदी भूमि की उपलब्धता और 21 फीसदी खाद्यान्न उत्पादन निवेशकों के लिए अवसर प्रस्तुत करता है।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 2017 में प्रदेश में अपराध और माफिया नियंत्रण में थे, लेकिन जीरो टालरेंस और जीरो करप्शन की नीति के कारण अब निवेशकों का भरोसा बहाल हुआ है। उन्होंने यह भी बताया कि यूपी के पास 75 हजार एकड़ का लैंड बैंक है, जो किसी भी राज्य की तुलना में सबसे अधिक है।
मुख्यमंत्री ने एक्सप्रेस-वे, मेट्रो नेटवर्क, हवाईअड्डों और सड़क संपर्क के विस्तार का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश के हर क्षेत्र में निवेश हो रहा है और सुरक्षा के अभाव में पहले विदेश में निवेश करने वाले उद्यमी अब गोरखपुर और अन्य शहरों में उद्योग स्थापित कर रहे हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि ट्रेड यूनियन के नाम पर फैक्टरियों को नुकसान नहीं पहुँचाने दिया जाता और सब्सिडी वितरण प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए सिंगल विंडो सिस्टम निवेश मित्र-3 को लागू किया गया है। इस अवसर पर 45 कंपनियों को सब्सिडी वितरित की गई और 62 कंपनियों को लेटर ऑफ कम्फर्ट (एलओसी) प्रदान किए गए।
मंच पर मुख्यमंत्री योगी के साथ उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, औद्योगिक विकास मंत्री नंदगोपाल गुप्ता नंदी, आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक मंत्री सुनील शर्मा, राज्य मंत्री जसवंत सिंह सैनी और शासन के अधिकारी मौजूद रहे।












