ओस्लो, 24 अप्रैल।
नॉर्वे सरकार ने घोषणा की है कि वह वर्ष के अंत तक संसद में एक विधेयक पेश करेगी, जिसके तहत 16 वर्ष से कम आयु के बच्चों के सोशल मीडिया उपयोग पर प्रतिबंध लगाया जाएगा। इस नियम के लागू होने पर तकनीकी कंपनियों पर आयु सत्यापन की जिम्मेदारी भी तय की जाएगी।
सरकार ने यह कदम बच्चों के डिजिटल जीवन की सुरक्षा और उनके स्वस्थ बचपन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाने का निर्णय लिया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि बच्चों को ऐसा बचपन मिलना चाहिए जिसमें वे खेल, मित्रता और सामान्य जीवन का पूरा अनुभव कर सकें।
उन्होंने यह भी कहा कि बच्चों का जीवन एल्गोरिदम और स्क्रीन के प्रभाव में नहीं आना चाहिए, क्योंकि यह उनके मानसिक और सामाजिक विकास को प्रभावित करता है।
सरकार के अनुसार इस कानून का उद्देश्य बच्चों के डिजिटल अनुभव को सुरक्षित बनाना और उन्हें अनावश्यक ऑनलाइन दबाव से बचाना है।
हालांकि यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि किन-किन सोशल मीडिया ऐप्स पर यह प्रतिबंध लागू होगा।
इससे पहले ऑस्ट्रेलिया ने 16 वर्ष से कम उम्र के बच्चों पर सोशल मीडिया उपयोग को प्रतिबंधित करने वाला पहला कानून लागू किया था, जिसके दायरे में कई प्रमुख प्लेटफॉर्म शामिल हैं।
इसी बीच एक सोशल मीडिया कंपनी ने कहा है कि वह पिछले एक दशक से बच्चों की सुरक्षा पर काम कर रही है और यह सुनिश्चित कर रही है कि प्लेटफॉर्म पर आयु के अनुसार सुरक्षित अनुभव मिले।
कंपनी ने यह भी कहा कि इससे बच्चों को सुरक्षित डिजिटल वातावरण मिलेगा और उन्हें असुरक्षित इंटरनेट प्लेटफॉर्म की ओर जाने से रोका जा सकेगा।
नॉर्वे की अल्पमत सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह विधेयक वर्ष 2026 के अंत तक संसद में पेश किया जाएगा।










