नई दिल्ली, 30 मार्च।
पैरालंपिक मेडलिस्ट शीतल देवी को वर्ल्ड आर्चरी ने ‘पैरा आर्चर ऑफ द ईयर’ खिताब से सम्मानित किया है। भारतीय तीरंदाज ने इस सम्मान के लिए दिल से आभार जताया। वैश्विक शासी निकाय ने पिछले एक साल में उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन और खेल में योगदान के लिए उन्हें यह प्रतिष्ठित पुरस्कार प्रदान किया।
शीतल देवी का यह खिताब उनके ऐतिहासिक सीजन का परिणाम है, जिसमें उन्होंने ग्वांगजू में आयोजित वर्ल्ड आर्चरी पैरा चैंपियनशिप में अपना पहला विश्व खिताब जीता। वह बिना हाथों के पैरा आर्चरी विश्व चैंपियनशिप जीतने वाली पहली महिला बनीं और कंपाउंड महिला व्यक्तिगत फाइनल में पैरालंपिक चैंपियन ओज्नुर क्यूर गिर्दी को मात दी। इसके अलावा उन्होंने महिला टीम स्पर्धा में रजत और मिश्रित टीम प्रतियोगिता में कांस्य पदक भी हासिल किया।
साल 2025 में शीतल देवी ‘बीबीसी इमर्जिंग एथलीट ऑफ द ईयर’ पुरस्कार जीतने वाली पहली भारतीय तीरंदाज बनीं। यह सम्मान उन्हें पेरिस 2024 पैरालंपिक गेम्स में राकेश कुमार के साथ मिश्रित टीम में कांस्य पदक जीतने के बाद मिला। इसके अलावा, उन्हें 2023 में ‘वर्ल्ड आर्चरी पैरा वुमन ऑफ द ईयर’ और एशियाई पैरालंपिक समिति की सर्वश्रेष्ठ युवा एथलीट के रूप में भी मान्यता मिली थी। साल 2024 में उन्हें ‘अर्जुन पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया।
अपनी उपलब्धियों में एक और माइलस्टोन जोड़ते हुए, शीतल देवी को दिसंबर में जेद्दा में आयोजित एशिया कप के लिए भारत की ‘एबल-बॉडीड’ कंपाउंड आर्चरी टीम में शामिल किया गया। यह उनके असाधारण कौशल और बहुमुखी प्रतिभा को और अधिक रेखांकित करता है।
शीतल देवी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “दुनिया के सर्वश्रेष्ठ पैरा तीरंदाजों के साथ नामित होना और अब वर्ल्ड आर्चरी द्वारा सर्वश्रेष्ठ पैरा तीरंदाज चुना जाना बहुत ही खास है। मेरा दिल आभार और भावनाओं से भरा है। धन्यवाद।”
फोकोमेलिया (जन्मजात शारीरिक विकार) के साथ जन्मी देवी बिना हाथों के अनोखी तकनीक से प्रतिस्पर्धा करती हैं। उनका यह तरीका मौलिकता और सटीकता के कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ध्यान खींच चुका है।
उनकी पदकों की झोली में एशियन चैंपियनशिप, एशियन पैरा गेम्स, वर्ल्ड चैंपियनशिप और पैरालंपिक गेम्स जैसे बड़े टूर्नामेंट शामिल हैं, जो उनके अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ते कद को दर्शाते हैं।












