नई दिल्ली, 26 मई।
केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री वाई-फाई एक्सेस नेटवर्क इंटरफेस (पीएम-वानी) ढांचे में अहम बदलाव करते हुए लैपटॉप और अन्य उपकरणों के लिए क्यूआर आधारित लॉगिन प्रणाली, 15, 30 और 60 मिनट की लचीली अल्पकालिक योजनाएं तथा पीएम-वानी हॉटस्पॉट नामों के मानकीकरण को लागू करने का निर्णय लिया है।
संचार मंत्रालय ने 22 मई को जारी परिपत्रों के जरिए इन संशोधनों को प्रभावी किया है और सभी संबंधित पक्षों को आठ सप्ताह के भीतर नई व्यवस्था लागू करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि जुलाई तक यह नागरिक हितैषी सुविधाएं पूरे तंत्र में सक्रिय हो सकें।
मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि इन सुधारों का उद्देश्य पहुंच को सरल बनाना, आपसी संगतता बढ़ाना, उपयोग में आसानी सुनिश्चित करना और अधिक से अधिक नागरिकों को इस व्यवस्था से जोड़ना है तथा हाल ही में हुई समीक्षा बैठकों में कार्यान्वयन को तेज करने और उपयोगकर्ता अनुभव बेहतर बनाने पर जोर दिया गया।
राज्यमंत्री डॉ. चंद्रशेखर पेम्मासानी ने कहा कि पीएम-वानी सार्वभौमिक सार्वजनिक वाई-फाई सुविधा का महत्वपूर्ण माध्यम है और इसे और सरल बनाया जा रहा है, जिसके तहत अब क्यूआर कोड स्कैन कर लैपटॉप को आसानी से जोड़ा जा सकेगा तथा हॉटस्पॉट संचालकों को अल्पकालिक इंटरनेट उपयोग के लिए 15, 30 और 60 मिनट की सुविधाएं देने की सलाह दी गई है।
उन्होंने यह भी कहा कि डिजिटल युग में सार्वजनिक वाई-फाई एक महत्वपूर्ण सार्वजनिक उपयोगिता के रूप में उभर रहा है, जो छात्रों, यात्रियों, दैनिक यात्रियों, पेशेवरों और छोटे व्यवसायों को व्यापक रूप से लाभ पहुंचा रहा है और उनकी डिजिटल जरूरतों को पूरा करने में सहायक बन रहा है।














